Shani Sade Sati 2026: कुंभ समेत 3 राशियों पर रहेगा शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव, 2 राशियों पर ढैया
Shani Rashifal 2026: शनि ग्रह को ज्योतिष में कर्मफलदाता और न्यायप्रिय ग्रह माना जाता है। शनि की चाल धीमी होती है, लेकिन इसका प्रभाव गहरा और लंबे समय तक रहने वाला होता है। जब शनि राशि परिवर्तन करता है, तो कुछ राशियों पर साढ़ेसाती या ढैया की शुरुआत होती है, वहीं कुछ राशियों को इससे राहत भी मिलती है।
शनि देव को सभी 12 राशियों का चक्र पूरा करने में लगभग 30 वर्ष का समय लगता है। वर्तमान में शनि मीन राशि में स्थित हैं और वर्ष 2026 में भी गुरु की इस राशि में ही विराजमान रहेंगे। ऐसे में शनि के इसी गोचर के कारण 2026 में कुछ राशियों पर साढ़ेसाती और ढैया का प्रभाव बना रहेगा।
2026 में किन राशियों पर रहेगी शनि की साढ़ेसाती
शनि के मीन राशि में रहने के कारण वर्ष 2026 में तीन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा। इस दौरान शनि की विशेष दृष्टि मेष, मीन और कुंभ राशि पर होगी।
मेष राशि के जातकों के लिए 2026 में शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू रहेगा। यह समय नई जिम्मेदारियों और संघर्षों की शुरुआत का संकेत देता है।
मीन राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण प्रभावी रहेगा, जिसे सबसे चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस दौरान धैर्य और संयम बनाए रखना बेहद जरूरी होगा।
कुंभ राशि के जातकों के लिए 2026 में शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण रहेगा। यह समय पुराने कष्टों से मुक्ति और धीरे-धीरे राहत मिलने का संकेत देता है।
इन 2 राशियों पर रहेगा शनि की ढैया का असर
साल 2026 में शनि के मीन राशि में गोचर के कारण सिंह और धनु राशि पर शनि की ढैया का प्रभाव बना रहेगा। इस दौरान इन राशियों के जातकों को निर्णय लेते समय विशेष सावधानी बरतनी होगी और अनावश्यक विवादों से बचना लाभकारी रहेगा।
शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव कैसा हो सकता है
शनि की साढ़ेसाती के दौरान मानसिक तनाव में वृद्धि देखी जा सकती है। खर्चे बढ़ सकते हैं और मेहनत अपेक्षा से अधिक करनी पड़ सकती है। कई बार कड़ी मेहनत के बावजूद परिणाम मिलने में देरी होती है।
यदि स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही बरती जाए तो समस्याएं बढ़ सकती हैं। व्यापार और आय के मामलों में रुकावटें आ सकती हैं। इस समय कुछ जोखिम भरे और बड़े फैसले लेने की स्थिति भी बन सकती है। नौकरीपेशा लोगों पर काम का दबाव बढ़ सकता है, इसलिए धैर्य और अनुशासन बनाए रखना आवश्यक होगा।
कुल मिलाकर, शनि की साढ़ेसाती और ढैया का समय कठिन जरूर होता है, लेकिन सही कर्म, संयम और जिम्मेदारी के साथ यह दौर व्यक्ति को मजबूत और अनुभवी भी बनाता है।
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