पंचांग 27 दिसंबर 2025: पौष शुक्ल सप्तमी का संपूर्ण विवरण, शुभ-अशुभ मुहूर्त और योग

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पंचांग 27 दिसंबर 2025: शनिवार का दिन हिंदू पंचांग के अनुसार पौष मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि का है। यह दिन विक्रम संवत 2082 (कालयुक्त) और शक संवत 1947 (विश्वावसु) के अंतर्गत आता है। धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से यह दिन कई विशेष योगों के कारण महत्वपूर्ण माना गया है।

तिथि, पक्ष और संवत विवरण

इस दिन शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि सुबह 01:43 PM से प्रारंभ होकर 01:10 PM तक रहेगी, इसके बाद शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि लग जाएगी। विक्रम संवत 2082 और शक संवत 1947 के अनुसार यह दिन पौष मास में आता है। अमांत और पूर्णिमांत दोनों ही मान्यताओं में मास पौष ही रहेगा।

नक्षत्र और योग की स्थिति

27 दिसंबर 2025 को सुबह 09:09 AM तक पूर्वभाद्रपदा नक्षत्र रहेगा, इसके बाद उत्तरभाद्रपदा नक्षत्र का आरंभ होगा। योग की बात करें तो व्यातीपात योग दोपहर 12:21 PM तक रहेगा, इसके पश्चात वरीयान योग बनेगा। यह योग संयोजन दिन को आध्यात्मिक और कर्म प्रधान बनाता है।

करण का प्रभाव

इस दिन वणिज करण दोपहर 01:10 PM तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद विष्टि करण आरंभ होकर रात 12:39 AM तक रहेगा और फिर बव करण लगेगा। करण का प्रभाव विशेष रूप से कार्यों की सफलता और निर्णय क्षमता पर देखा जाता है।

चंद्र राशि और सूर्य राशि

27 दिसंबर 2025 को चंद्रमा पूरे दिन और रात मीन राशि में संचार करेगा, जिससे भावनात्मक संवेदनशीलता और आध्यात्मिक झुकाव बढ़ सकता है। वहीं सूर्य धनु राशि में स्थित रहेगा, जो ज्ञान, धर्म और यात्रा से जुड़े कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र समय

इस दिन सूर्योदय सुबह 7:10 AM और सूर्यास्त शाम 5:45 PM पर होगा। चंद्रमा का उदय 11:55 AM पर तथा चंद्रास्त अगले दिन 12:27 AM पर होगा।

शुभ मुहूर्त और लाभकारी समय

दिन का सबसे श्रेष्ठ समय अभिजीत मुहूर्त रहेगा जो दोपहर 12:06 PM से 12:49 PM तक है। इसके अतिरिक्त अमृत काल 03:59 AM से 05:33 AM तक तथा ब्रह्म मुहूर्त 05:34 AM से 06:22 AM तक रहेगा। ये समय पूजा, साधना और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत उत्तम माने जाते हैं।

अशुभ काल और सावधानी के समय

शनिवार को राहुकाल सुबह 09:49 AM से 11:08 AM तक रहेगा। यम गण्ड 01:47 PM से 03:06 PM तक और कुलिक काल 07:10 AM से 08:29 AM तक रहेगा। दुर्मुहूर्त सुबह 08:35 AM से 09:17 AM तक और वर्ज्यम् काल शाम 06:34 PM से 08:08 PM तक माना गया है। इन समयों में नए और महत्वपूर्ण कार्यों से बचना उचित रहता है।

त्योहार और व्रत

27 दिसंबर 2025 को गुरु गोबिंद सिंह जयंती का पावन पर्व मनाया जाएगा। यह दिन साहस, त्याग और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

विशेष ज्योतिषीय योग

इस दिन त्रिपुष्कर योग सुबह 07:10 AM से 09:09 AM तक रहेगा, जो पूर्वभाद्रपदा नक्षत्र, शनिवार और शुक्ल सप्तमी के संयोग से बनता है। यह योग कार्यों में स्थायित्व और पुनरावृत्ति का संकेत देता है। वहीं सर्वार्थसिद्धि योग अगले दिन सुबह बनेगा, जिसका प्रभाव आंशिक रूप से इस दिन भी महसूस किया जा सकता है।

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