AI के गलत इस्तेमाल पर सरकार सख्त: Grok AI को लेकर X को 72 घंटे का नोटिस, प्रियंका चतुर्वेदी की शिकायत बनी आधार
नई दिल्ली. डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जहां नई संभावनाएं खोल रहा है, वहीं इसके दुरुपयोग से महिलाओं की गरिमा और निजता पर गंभीर खतरे भी सामने आ रहे हैं। इसी संदर्भ में शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी की शिकायत के बाद केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के खिलाफ सख्त कदम उठाया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने X को औपचारिक नोटिस जारी करते हुए 72 घंटे के भीतर Action Taken Report सौंपने का निर्देश दिया है। यह नोटिस X के AI टूल Grok AI के कथित दुरुपयोग को लेकर भेजा गया है, जिसके जरिए महिलाओं और बच्चों की अश्लील व अपमानजनक सामग्री बनाए जाने के आरोप हैं।
क्या है Grok AI विवाद?
सरकार का कहना है कि Grok AI का उपयोग कुछ लोग महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाकर आपत्तिजनक, अश्लील और अपमानजनक कंटेंट तैयार करने में कर रहे हैं। यह न केवल आईटी एक्ट और आईटी नियमों के तहत प्लेटफॉर्म की “ड्यू डिलिजेंस” जिम्मेदारियों का उल्लंघन है, बल्कि यह निजता, सहमति और डिजिटल सुरक्षा पर भी सीधा हमला है।
मंत्रालय ने X को स्पष्ट किया है कि ऐसी सामग्री पर समय रहते कार्रवाई न करना गंभीर चूक मानी जाएगी। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि महिलाओं की गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।
प्रियंका चतुर्वेदी की प्रतिक्रिया
केंद्र के त्वरित कदम का स्वागत करते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह IT मंत्री का आभार व्यक्त करती हैं, जिन्होंने उनके पत्र पर तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि AI के माध्यम से महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री बनाना उनकी गरिमा और सहमति का उल्लंघन है, जिससे महिलाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर चुप कर दी जाती हैं।
क्यों है यह मामला अहम?
यह कार्रवाई Responsible AI, Platform Accountability और Women Safety Online जैसे मुद्दों को केंद्र में लाती है। सरकार का यह रुख तकनीकी कंपनियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि AI नवाचार के साथ-साथ नैतिकता और कानून का पालन अनिवार्य है।
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