छलपूर्वक मोबाइल नंबर पोर्ट कराकर बैंक अकाउंट खाली करने की कोशिश, दो लोगों के खिलाफ एफआईआर

महासमुंद. एक व्यक्ति के मोबाइल नंबर को छलपूर्वक पोर्ट कराकर रकम निकालने के षडयंत्र के मामले में दो लोगों के विरूद्ध सरायपाली थाने में जुर्म दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। सरायपाली पुलिस को

Written by: Admin

Published on: February 6, 2026

महासमुंद. एक व्यक्ति के मोबाइल नंबर को छलपूर्वक पोर्ट कराकर रकम निकालने के षडयंत्र के मामले में दो लोगों के विरूद्ध सरायपाली थाने में जुर्म दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।

सरायपाली पुलिस को लव कुमार मानिकपुरी पिता रेशम दास मानिकपुरी (43 वर्ष) निवासी मेढ़ापाली ने बताया कि उसने लगभग तीन वर्ष पूर्व अंकित मोबाईल दुकान भंवरपुर के प्रोपाईटर अंकित अग्रवाल से जियो कंपनी सिम खरीदी था। इस मोबाइल नंबर से उसका आधार कार्ड, पेनकार्ड, राशन कार्ड, बैंक खाता से लिंक है तथा इसी मोबाइल नंबर के माध्यम से व फोन पे चलाता था। 27 दिसंबर को एक्सीडेंट होने के बाद वह छुटटी लेकर घर पर ही आराम करता था। वहीं मोबाइल को उसका 7 वर्ष का बेटा रखा रहता था और पड़ोस में रहने वाले ऋतुराज बारिक के घर में जाकर वीडियो, गेम आदि देखता था । जब 18 जनवरी को उसने मोबाइल से कॉल करने के लिये प्रयास किया तो पता चला कि उसका सिम डिएक्टीवेट हो गया है।

जानकारी लेने पता चला कि उसका सिम जियो से आइडिया कंपनी में पोर्ट हो चुका है। चूंकि उसने पोर्ट नहीं कराया था और अचानक से सिम बंद हो जाने के कारण वह जानकारी लेने के लिये भंवरपुर जाकर अंकित मोबाईल दुकान के संचालक अंकित अग्रवाल से मिला। तब अंकित अग्रवाल ने गोल मोल जवाब दिया और दबाव देने पर कुछ दिनों के बाद बताया कि आपका सिम 15 जनवरी को पोर्ट हुआ है एवं 18 जनवरी को दूसरे के नाम से एलॉट हो गया है। सिम का एलाटमेंट सागरपाली के जय दुर्गा मोबाईल दुकान से किया गया है।

इसकी जानकारी लेने प्रार्थी जय दुर्गा मोबाईल दुकान गया और वहां के संचालक डिग्री पटेल ने बताया कि उसके मोबाईल नंबर को गोविंदराम खुटे पिता बलोचन खुटे निवासी तरेकेला के द्वारा उसके दुकान में आकर यूनिक पोर्टिग कोड बताकर अपने नाम से एलॉट करा लिया है । इसके बाद उसने 1 फरवरी को गोविंदराम खुटे, जिससे उसकी पहले से पहचान है, के पास गया और पूछा कि मेरे सिम को अपने नाम से कैसे एलॉट करा लिया, इस पर आरोपी गोविंदराम ने अपनी गलती स्वीकार किया और बताया कि सिम डिस्टीब्यूटर आरोपी अंकित अग्रवाल के साथ योजना बनाकर तुम्हारे बैंक खाता से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को अपने नाम से इश्यू कराया था, जिसकी पूरी प्रक्रिया बताई थी। जिसके माध्यम से कोड को बदलकर रकम निकाल कर आधा-आधा बांटने का प्लान बनाये थे।

गोविंदराम खुटे ने ऋतुराज मेरा भांजा है, जिसके घर तुम्हारा बेटा जाता था। इसी दौरान उससे तुम्हारा मोबाइल लेकर पोर्ट का मैसेज जियो कंपनी मे किया था और यूनिक पोर्टिंग कोड प्राप्त कर मैसेज को डिलीट कर दिया था। इसके बाद अपने नाम से सिम इश्यू कराकर दूसरे मोबाईल मे डालकर उपयोग कर रहा था। उसने 19 जनवरी को 2000 एवं 10 रुपए फोन पे के माध्यम से निकालने का प्रयास किया था, किंतु ट्रांजैक्शन फेल हो गया था। मामले की रिपोर्ट पर आरोपियों के विरूद्ध धारा 318(4), 61(2), 62 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।

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