छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत: महंगाई भत्ता में बढ़ोतरी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा ऐलान

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रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को बड़ी सौगात देते हुए उनके महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) में 3 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की है। अब राज्य कर्मचारियों को केंद्र सरकार के समान 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। यह निर्णय बढ़ती महंगाई के दौर में कर्मचारियों के लिए राहतभरा कदम माना जा रहा है।

राजधानी रायपुर के रोहिणीपुरम स्थित सरस्वती शिक्षा संस्थान परिसर में आयोजित राज्य कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ के त्रैवार्षिक अष्टम प्रदेश अधिवेशन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “कर्मचारी शासन-प्रशासन की रीढ़ होते हैं। उनकी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता से ही सरकारी योजनाएं जमीन पर सफल होती हैं।”

कर्मचारियों के हित में सरकार के अहम फैसले

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बीते वर्षों में कर्मचारियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। स्थानांतरण नीति, पदोन्नति प्रक्रिया और कार्यक्षेत्र सुधारों के माध्यम से प्रशासन को अधिक पारदर्शी और कर्मचारी-अनुकूल बनाया गया है। इसके साथ ही सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना से जन-विश्वास आधारित प्रशासन को मजबूती मिली है।

पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभों पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
छत्तीसगढ़ पेंशन फंड की स्थापना और संबंधित विधेयक के पारित होने से राज्य को एक सुदृढ़ वित्तीय और कानूनी ढांचा प्राप्त हुआ है।

डिजिटल गवर्नेंस से बढ़ी कार्यक्षमता

राज्य में ई-ऑफिस सिस्टम, ऑनलाइन सेवाएं और तकनीकी नवाचार लागू कर कर्मचारियों की कार्यक्षमता को बढ़ाया गया है। साथ ही, प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास कार्यक्रमों के जरिए कर्मचारियों को आधुनिक प्रशासनिक चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है।

नक्सलवाद पर सख्त रुख, विकास की नई राह

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। सुरक्षा बलों के साहस और पराक्रम से नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए मानवीय पुनर्वास नीति लागू की गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन का लक्ष्य तय किया गया है।

बस्तर क्षेत्र में शांति व्यवस्था के साथ-साथ ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के तहत बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं दूरस्थ इलाकों तक पहुंचाई जा रही हैं। ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ के माध्यम से राज्य को दीर्घकालिक विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है।

अधिवेशन में प्रमुख उपस्थिति

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा, राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी संघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष गौरव कुमार सोनी, महामंत्री राजेन्द्र कुमार वास्तव, राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष अरुण तिवारी, प्रदेश महामंत्री अश्वनी चेलक सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

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