महासमुंद जिला धान खरीदी: 3.13 लाख मीट्रिक टन खरीदी, 29,800 क्विंटल अवैध धान जब्त
महासमुंद. जिले में राज्य सरकार की मंशानुसार समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य पूरी पारदर्शिता, सुरक्षा और सुव्यवस्था के साथ लगातार किया जा रहा है। जिले के किसानों को समय पर उचित मूल्य मिलने से खरीदी व्यवस्था के प्रति संतोष और उत्साह देखा जा रहा है।
3.13 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी
जिले के 182 धान उपार्जन केंद्रों में अब तक कुल 3,13,764 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। किसान ऑनलाइन और ऑफलाइन टोकन प्रणाली के माध्यम से उपार्जन केंद्रों में पहुंचकर उत्साहपूर्वक धान विक्रय कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा पूरी प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से दर्ज कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है।
54 हजार किसानों को 743 करोड़ से अधिक का भुगतान
अब तक जिले के लगभग 54 हजार किसानों के खातों में 16 बैंक शाखाओं के माध्यम से 743 करोड़ 75 लाख 55 हजार रुपये की राशि सीधे अंतरित की जा चुकी है। समयबद्ध भुगतान से किसानों का विश्वास समर्थन मूल्य प्रणाली पर और मजबूत हुआ है।
संयुक्त टीम द्वारा खरीदी व्यवस्था पर कड़ी निगरानी
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार प्रशासन, सहकारिता, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा जिले भर में खरीदी व्यवस्था की सतत निगरानी की जा रही है। सभी उपार्जन केंद्रों में केंद्रीय मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए प्रतिदिन ऑनलाइन आंकड़े दर्ज किए जा रहे हैं। अब तक सामने आए 39 प्रकरणों में से 35 का त्वरित समाधान किया जा चुका है।
औचक निरीक्षण और 24×7 निगरानी व्यवस्था
अधिकारियों द्वारा उपार्जन केंद्रों में औचक निरीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण तुलाई, उचित व्यवस्थाओं और किसानों को निर्बाध सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। निगरानी दलों को 24×7 सक्रिय रखा गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। राइस मिलों को उनकी मिलिंग क्षमता के अनुसार धान उठाव, भंडारण और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
230 प्रकरणों में 29,800 क्विंटल अवैध धान जब्त
जिले में अवैध धान परिवहन, भंडारण और विक्रय पर कड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 230 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन प्रकरणों में संयुक्त टीम द्वारा कुल 29,800 क्विंटल धान जब्त किया गया है। इस कार्रवाई के मामले में महासमुंद जिला राज्य में अग्रणी स्थान पर है।
अवैध गतिविधियों पर प्रशासन की सख्ती
प्रमुख मार्गों, अंतरराज्यीय जांच चौकियों, राइस मिलों और धान उपार्जन केंद्रों में लगातार निरीक्षण और सख्त निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान उपार्जन अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुचारू रूप से संचालित हो सके।