आज का पंचांग 10 जनवरी 2026: कालाष्टमी, माघ कृष्ण सप्तमी, राहुकाल और शुभ-अशुभ मुहूर्त
आज का पंचांग 10 जनवरी 2026: आज शनिवार, 10 जनवरी 2026 को माघ कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है। आज का दिन कालाष्टमी व्रत के लिए विशेष महत्व रखता है। विक्रम संवत 2082 (कालयुक्त), शक संवत 1947 (विश्वावसु) के अनुसार आज पौष मास चल रहा है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार आज कुछ समय शुभ कार्यों के लिए उत्तम है, वहीं कुछ काल में सावधानी रखना आवश्यक है।
संवत्सर और काल गणना
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त है। शक संवत 1947 विश्वावसु चल रहा है। पूर्णिमांत मास माघ तथा अमांत मास पौष है। राष्ट्रीय पंचांग के अनुसार आज पौष 20, 1947 है। वैदिक ऋतु हेमंत और द्रिक ऋतु शिशिर मानी गई है।
तिथि का विवरण
कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि 10 जनवरी को सुबह 08:24 बजे तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि प्रारंभ होगी, जो 11 जनवरी सुबह 10:20 बजे तक रहेगी।
नक्षत्र और योग
आज हस्त नक्षत्र दोपहर 03:39 बजे तक रहेगा, इसके बाद चित्रा नक्षत्र प्रारंभ होगा। अतिगण्ड योग शाम 04:58 बजे तक है, उसके बाद सुकर्मा योग लगेगा, जिसे शुभ माना जाता है।
करण का समय
बव करण सुबह 08:24 बजे तक रहेगा। इसके बाद बालव करण रात 09:18 बजे तक और फिर कौलव करण प्रारंभ होगा।
ग्रहों की स्थिति
आज सूर्य धनु राशि में स्थित है। चंद्रमा 11 जनवरी सुबह 04:52 बजे तक कन्या राशि में रहेगा, इसके बाद तुला राशि में प्रवेश करेगा।
सूर्य और चंद्रमा का समय
आज सूर्योदय सुबह 07:14 बजे और सूर्यास्त शाम 05:54 बजे होगा। चंद्रोदय 11 जनवरी को रात 12:42 बजे तथा चंद्रास्त 11 जनवरी को दोपहर 12:16 बजे होगा।
अशुभ काल
राहुकाल सुबह 09:54 बजे से 11:14 बजे तक रहेगा। यमगण्ड दोपहर 01:54 बजे से 03:14 बजे तक है। कुलिक काल सुबह 07:14 बजे से 08:34 बजे तक रहेगा। दुर्मुहूर्त सुबह 08:39 बजे से 09:22 बजे तक और वर्ज्यम् रात 12:30 बजे से 02:16 बजे तक रहेगा।
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:12 बजे से 12:55 बजे तक रहेगा। अमृत काल सुबह 09:09 बजे से 10:53 बजे तक है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:38 बजे से 06:26 बजे तक रहेगा।
आनंदादि योग
आज आनंदादि योग में मृत्यु योग दोपहर 03:39 बजे तक रहेगा, इसके बाद काण योग प्रभावी रहेगा।
व्रत और त्योहार
आज कालाष्टमी का पावन व्रत है। इस दिन भगवान भैरव की पूजा करने से भय, रोग और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है।
आज का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य फलदायी होते हैं, जबकि राहुकाल और अशुभ समय में नए कार्यों से बचना चाहिए। पंचांग के अनुसार दिन की योजना बनाकर कार्य करने से सफलता के योग बनते हैं।