आज का पंचांग 6 जनवरी 2026: अंगारकी चतुर्थी, सकट चौथ, शुभ-अशुभ मुहूर्त और संपूर्ण ज्योतिषीय विवरण

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आज का पंचांग 6 जनवरी 2026 मंगलवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इस दिन माघ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जिसे अंगारकी चतुर्थी, सकट चौथ और संकष्टी गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। मंगलवार और चतुर्थी का संयोग इसे अत्यंत फलदायी बनाता है।

संवत्सर और पंचांग विवरण

आज का विक्रम संवत 2082 (कालयुक्त) और शक संवत 1947 (विश्वावसु) है। पूर्णिमांत मास माघ और अमांत मास पौष माना गया है। वैदिक ऋतु हेमंत और द्रिक ऋतु शिशिर है। सूर्य धनु राशि में स्थित है।

तिथि का विस्तृत विवरण

कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि 5 जनवरी सुबह 09:56 बजे से 6 जनवरी सुबह 08:01 बजे तक रही। इसके बाद कृष्ण पक्ष चतुर्थी (क्षय तिथि) सुबह 08:01 बजे से 7 जनवरी सुबह 06:52 बजे तक है। इसके पश्चात कृष्ण पक्ष पंचमी तिथि प्रारंभ होगी।

नक्षत्र और चंद्र राशि

आश्लेषा नक्षत्र 6 जनवरी दोपहर 12:17 बजे तक रहेगा, इसके बाद मघा नक्षत्र प्रारंभ होगा। चंद्रमा 12:17 बजे तक कर्क राशि में और उसके बाद सिंह राशि में प्रवेश करेगा। आश्लेषा और मघा दोनों गण्डमूल नक्षत्र माने जाते हैं, जिनमें विशेष सावधानी और पूजा-पाठ का महत्व होता है।

योग और करण

आज प्रीति योग रात 08:21 बजे तक रहेगा, इसके बाद आयुष्मान योग प्रारंभ होगा। करणों की बात करें तो विष्टि करण सुबह 08:02 बजे तक, बव करण शाम 07:21 बजे तक, बालव करण रात 06:53 बजे तक और उसके बाद कौलव करण रहेगा।

सूर्य और चंद्रमा का समय

सूर्योदय सुबह 07:13 बजे और सूर्यास्त शाम 05:51 बजे होगा। चन्द्रोदय रात 09:07 बजे तथा चन्द्रास्त अगले दिन सुबह 10:09 बजे होगा।

शुभ मुहूर्त और लाभकारी योग

आज अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:11 बजे से 12:53 बजे तक रहेगा। अमृत काल सुबह 10:44 बजे से 12:16 बजे तक और ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:37 बजे से 06:25 बजे तक है। विशेष रूप से सर्वार्थसिद्धि योग सुबह 07:13 बजे से 12:17 बजे तक रहेगा, जो सभी शुभ कार्यों के लिए अत्यंत उत्तम माना जाता है।

अशुभ काल का समय

राहुकाल दोपहर 03:12 बजे से 04:31 बजे तक रहेगा। यम गण्ड सुबह 09:53 बजे से 11:12 बजे तक और कुलिक काल दोपहर 12:32 बजे से 01:52 बजे तक है। दुर्मुहूर्त सुबह 09:21 से 10:03 बजे और रात 11:12 से 12:05 बजे तक रहेगा। वर्ज्यम् काल रात 12:06 से 01:41 बजे तक है।

आज के व्रत और त्योहार

आज अंगारकी चतुर्थी, सकट चौथ और संकष्टी गणेश चतुर्थी का पावन पर्व है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से विघ्नों का नाश, संतान सुख और समृद्धि की प्राप्ति मानी जाती है। चंद्र दर्शन के बाद व्रत पारण का विशेष महत्व होता है।