यूपी बनेगा ग्लोबल सर्विस हब: GCC नीति-2024 की नियमावली को कैबिनेट की मंजूरी, 10 हजार+ नौकरियां तय
लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश को वैश्विक सेवा केंद्र (Global Capability Center – GCC) के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यूपी GCC नीति-2024 के क्रियान्वयन के लिए नियमावली-2025 को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले से प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय निवेश, उच्च स्तरीय सेवाओं और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन को नई रफ्तार मिलेगी।
क्या है GCC नीति-2024 और क्यों है खास
GCC नीति के तहत कोई भी भारतीय या विदेशी कंपनी उत्तर प्रदेश में अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक इकाई स्थापित कर सकती है। ये इकाइयां सूचना प्रौद्योगिकी, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, फाइनेंस, एचआर, इंजीनियरिंग, डिजाइन, एनालिटिक्स और नॉलेज आधारित सेवाओं जैसे रणनीतिक कार्यों को संचालित करेंगी। इससे प्रदेश को ग्लोबल बिजनेस इकोसिस्टम से सीधा जोड़ने में मदद मिलेगी।
निवेश और रोजगार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
सरकार के मुताबिक, इस नीति के लागू होने से 10 हजार से अधिक नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे। निवेश को सुगम बनाने के लिए इन्वेस्ट यूपी को नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है, जो कंपनियों को सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए हर स्तर पर सहयोग प्रदान करेगी।
कंपनियों को मिलेंगे आकर्षक वित्तीय प्रोत्साहन
नियमावली के तहत GCC इकाइयों को भूमि, पूंजी और संचालन व्यय पर कई तरह की सब्सिडी दी जाएगी। भूमि खरीद पर क्षेत्र के अनुसार 30 से 50 प्रतिशत तक की फ्रंट एंड लैंड सब्सिडी मिलेगी। इसके अलावा भूमि के लिए स्टांप ड्यूटी में 100 प्रतिशत छूट या प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है।
पूंजी, संचालन और उन्नत इकाइयों के लिए विशेष लाभ
स्तर-एक GCC इकाइयों को पूंजी निवेश का 25 प्रतिशत या अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी, जबकि उन्नत श्रेणी की इकाइयों को अधिकतम 25 करोड़ रुपये तक का लाभ दिया जाएगा। संचालन व्यय पर 20 प्रतिशत की दर से प्रतिवर्ष 40 करोड़ रुपये तक और उन्नत श्रेणी की इकाइयों को 80 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान है।
टेक्निकल और प्रशासनिक सपोर्ट भी मिलेगा
वित्तीय लाभों के साथ-साथ GCC इकाइयों को तकनीकी सहायता समूह, इंडस्ट्री लिंकेज सपोर्ट, नियामकीय सहायता, आवेदन मामलों का त्वरित निस्तारण और प्रोत्साहन वितरण की पारदर्शी प्रक्रिया भी उपलब्ध कराई जाएगी। ये सभी प्रोत्साहन केंद्र सरकार की योजनाओं से अतिरिक्त होंगे।
निवेश में दिख रहा है भरोसा
प्रदेश में GCC सेक्टर को लेकर निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 21 कंपनियां निवेश की शुरुआत कर चुकी हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश तेजी से ग्लोबल सर्विस डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है।
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