महासमुंद में जंगली सुअर के अवैध शिकार का भंडाफोड़, उमरदा के तीन आरोपी गिरफ्तार, वन विभाग की सख्त कार्रवाई

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महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में वन विभाग ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए जंगली सुअर के अवैध शिकार में शामिल तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। यह मामला महासमुंद वन रेंज के अंतर्गत ग्राम उमरदा का है, जहां आरोपियों के पास से भारी मात्रा में जंगली सुअर का मांस और शिकार में प्रयुक्त सामग्री जब्त की गई।

वन्यजीव शिकार की गुप्त सूचना मिलने के बाद वनमंडलाधिकारी महासमुंद मयंक पांडेय के मार्गदर्शन और उप वनमंडलाधिकारी गोविंद सिंह के निर्देशन में परिक्षेत्र अधिकारी सियाराम कर्माकर के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने गांव उमरदा में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान चेतन लोहार, अशोक नेताम और अशोक यादव के घरों की तलाशी ली गई।

तलाशी में तीनों आरोपियों के कब्जे से लगभग 20 किलोग्राम मृत जंगली सुअर का मांस बरामद किया गया। इसके साथ ही शिकार में इस्तेमाल किया गया जीआई तार, फरसा, कुल्हाड़ी, हसिया, प्लास्टिक बैग, बर्तन और तराजू-बाट भी जब्त किए गए।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने 26 दिसंबर की रात वन कक्ष क्रमांक 64 से लगे खेतों में लगभग 3 किलोमीटर लंबा जीआई तार बिछाकर उसमें करंट प्रवाहित किया था। 27 दिसंबर की सुबह करंट की चपेट में आने से जंगली सुअर की मौत हो गई, जिसके बाद उसे तालाब के पास सुनसान जगह में ले जाकर काटा गया और तीन हिस्सों में बांटकर घर ले आए। आरोपी मांस पकाने की तैयारी कर रहे थे, तभी वन विभाग की टीम ने मौके पर कार्रवाई की।

वन विभाग ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (संशोधित 2022) की धारा 9 सहपठित धारा 2 (20), 39 (3),क,48 क धारा 50(1), धारा 51 के तहत विधिवत प्रकरण दर्ज किया। न्यायालय महासमुंद के आदेश पर 28 दिसंबर को सभी आरोपियों को जिला जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में वनपाल सतीश पटेल, मुन्नालाल त्रिपाठी, दीपक शर्मा, कौशल कुमार आड़िल, पदुम गोनार, नरेंद्र बंसोड सहित बड़ी संख्या में वन रक्षक और कर्मचारी शामिल रहे। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के शिकार पर आगे भी सख्त निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।

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