महासमुंद में अब तक 4,266 क्विंटल अवैध धान जब्त: 16 चेकपोस्ट और सख्त निगरानी
महासमुंद. छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने से पहले ही जिला प्रशासन पूरी सख्ती के साथ अवैध धान परिवहन पर नकेल कस रहा है। लगातार निगरानी और चेकिंग के परिणामस्वरूप 1 नवंबर से 16 नवंबर 2025 के बीच 37 प्रकरणों में कुल 4,266 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया है, जो कि राज्य में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
जिले में अन्य राज्यों से धान की अवैध आवक रोकने के लिए प्रशासन ने 16 चेकपोस्ट स्थापित किए हैं। इसके साथ ही इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से धान खरीदी की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे धान परिवहन व उपार्जन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और नियंत्रित हो सके।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशन में अवैध परिवहन और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई जारी है। प्रशासन ने धान खरीदी केंद्रों पर जिम्मेदारियों को मजबूत करने के लिए 111 उपार्जन केंद्रों में ग्राम पंचायत सचिवों को प्रभारी नियुक्त किया है। वहीं लापरवाही पर 9 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस और 3 कर्मचारियों पर FIR दर्ज की गई है। यह कार्रवाई ESMA एक्ट के तहत की गई है।
कलेक्टर के अनुसार जिले में 130 समितियों के 182 उपार्जन केंद्रों पर धान खरीदी सुचारू रूप से जारी है। किसानों के लिए पारदर्शी और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सभी व्यवस्था पूरी कर ली गई है। सोमवार को कुल 536 किसानों के टोकन जारी किए गए हैं, जिसके तहत लगभग 32,237 क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है।
कलेक्टर लंगेह ने स्पष्ट कहा:
“जिले में किसी किसान को धान बेचने में कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। हर किसान को समय पर और सुगमता से धान बेचने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।”
मुख्य बिंदु
- 37 मामलों में 4,266 क्विंटल अवैध धान जब्त
- राज्य में सर्वाधिक कार्रवाई महासमुंद जिले में
- 16 चेकपोस्ट पर 24×7 निगरानी
- 9 पटवारी नोटिस पर, 3 कर्मचारी FIR में
- 182 केंद्रों में धान खरीदी सतत प्रगति पर
- किसानों के लिए पारदर्शी और सुचारु व्यवस्था
111 धान उपार्जन केंद्रों का प्रभार ग्राम पंचायत सचिवों को सौंपा गया | कलेक्टर के आदेश