बाबू की नौकरी दिलाने के नाम पर रोजगार सहायक से 5 लाख की ठगी

महासमुंद. बागबाहरा के अनवरपुर निवासी एक व्यक्ति के साथ नौकरी दिलाने के नाम पर दो लोगों द्वारा 5 लाख से ज्यादा रकम की ठगी का मामला सामने आया है। बागबाहरा पुलिस ने बताया कि कुंजमणी

Written by: Admin

Published on: August 4, 2024

महासमुंद. बागबाहरा के अनवरपुर निवासी एक व्यक्ति के साथ नौकरी दिलाने के नाम पर दो लोगों द्वारा 5 लाख से ज्यादा रकम की ठगी का मामला सामने आया है।

बागबाहरा पुलिस ने बताया कि कुंजमणी साहू पिता हेमलाल साहू निवासी अनवरपुर थाना बागबाहरा जिला महासमुंद के साथ बाबू के पद में नौकरी लगाने के नाम पर दो व्यक्तियों ने 5 लाख 9 हजार रुपए की ठगी कर ली।

मामले को लेकर प्रार्थी अपनी शिकायत में पुलिस को बताया कि गांव में मेरा किराना दुकान है। गांव के बैगा रायसिंग लोहार पिता धनीराम के पहचान का एक व्यक्ति बार-बार बैगा के पास आते थे। पता करने पर वह छत्तूराम नंद ग्राम दर्रा कसडोल निवासी है।

प्रार्थी ने बताया कि छत्तूराम नंद और गांव बैगा नाम रायसिंग दिसंबर 2022 में एक दिन सुबह 10-11 बजे मेरे किराना दुकान के पास आया और बात-बात में मुझे क्या काम करता है कहकर पूछने लगे तो मैने बताया कि मनरेगा में रोजगार सहायक हूं 5000-6000 सैलरी मिलता है। उसने कहा में मंत्रालय में काम करता हूं। मैने अपने बेटे का रेलवे में और मेरी बेटी का शिक्षाकर्मी में और ऐसे कई लोग है कि जिनकी नौकरी मैने लगवाई है करके कहने लगा, उसकी बातों का गांव के बैगा ने भी समर्थन किया।

इसके चलते वह उसके झांसे में आ गया और वह मुझे मंत्रालय रायपुर में बाबू के पोस्ट में नौकरी लगवाऊंगा बोला। उसके चार से पांच दिन आरोपी छत्तूराम ने कहा कि 4 से 6 लाख रुपये लगेगा, जिस पर उसे शुरू में 40000 हजार दिया, बाकी पैसा धीरे-धीरे फोन पे से 1 लाख 69 हजार और 3 लाख पीएनएबी से आरटीजीएस के माध्यम उसके खाते में भेजे। इस तरह कुल पांच लाख दिये। पैसा देने के एक माह बाद नौकरी कब लगेगा पूछने पर आरोपी कल लगेगा, 15 दिन के बाद लगेगा, 1 महीने के बाद लगेगा कहने लगा, साथ यह भी कहा कि अगर नौकरी नहीं लगी तो पैसा वापस कर दूंगा। फिर उसने फोन उठाना बंद कर दिया।

इसके बाद मैने गांव के बैगा रायसिंग पूछा कि तुम ही उस व्यक्ति को लेके आए थे, मैं आदमी का नाम, गांव कुछ नहीं जानता हूं। इसके बाद प्रार्थी अपने पिता और रायसिंग के साथ कसडोल गया और वहां जाने पर आरोपी की पत्नी जो गांव में रहती है बोली वह तो यहां लगभग एक वर्ष हो गए, गांव नहीं आया है। वह रायपुर में काम करता है और उसका ऑफिस पचपेडी नाका में है। इसके बाद हम लोगों ने उसकी पत्नी को लेकर रायपुर गए और वहां जाने पर जगह भूल गई हूं कहने लगी और रायपुर में ही उसकी पत्नी ने हम लोगों को भरोसा दिलाया कि मैं उसके गांव के जमीन को बेच के पैसा दूंगी बोली। लेकिन आरोपी की पत्नी अपनी बातों से मुकर गई।

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फिर हम लोगों ने गांव अनवरपुर में ग्राम पंचों को बुलाकर रायसिंग के खिलाफ बैठक रखा और पंचों के द्वारा साफ-साफ कह गया कि कुंजमणी उस व्यक्ति को जानता नहीं है तुमने ही उसे यहां बुलाकर फंसाया है और तुम ही उस व्यक्ति को ढूंढकर लाओ और इन लोगों का पैसा वापस करो। बैठक के हफ्ते बाद रायसिंग ने भी कह दिया कि आरोपी उसे नहीं मिला। बागबाहरा पुलिस ने मामले में आरोपी छत्तराम नंद और रायसिंग के खिलाफ धारा 420, 34 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

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