युक्तियुक्तकरण से शिक्षा में नई रोशनी: हायर सेकेंडरी पिरदा में अब सभी विषयों की पढ़ाई

महासमुंद. छत्तीसगढ़ शासन (Chhattisgarh Government) की युक्तियुक्तकरण नीति ग्रामीण अंचलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों को विषयवार शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है। इसी का

Written by: Admin

Published on: September 11, 2025

महासमुंद. छत्तीसगढ़ शासन (Chhattisgarh Government) की युक्तियुक्तकरण नीति ग्रामीण अंचलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों को विषयवार शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है। इसी का जीवंत उदाहरण है हायर सेकेंडरी विद्यालय पिरदा (जिला महासमुंद), जहां हाल ही में इस नीति का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है।

विद्यालय के प्राचार्य संतोष कुमार डहरिया ने बताया कि पहले यहां केवल 6 शिक्षक कार्यरत थे। यद्यपि वे अपनी क्षमता से अधिक मेहनत कर रहे थे, लेकिन विज्ञान सहायक, अर्थशास्त्र एवं व्यायाम शिक्षक उपलब्ध न होने के कारण कक्षाओं का संचालन अधूरा रह जाता था। विज्ञान विषय पढ़ने वाले छात्र जटिल विषयों की गहराई समझने से वंचित हो रहे थे। अर्थशास्त्र विषय की अनुपस्थिति से बारहवीं कक्षा के बच्चों की उच्च शिक्षा की तैयारी अधूरी रह जाती थी। व्यायाम शिक्षक (PTI) न होने से खेलकूद जैसी शारीरिक एवं मानसिक विकास की गतिविधियाँ प्रभावित हो रही थीं। इसका असर बच्चों की पढ़ाई पर ही नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और उत्साह पर भी पड़ रहा था। अभिभावक और ग्रामीण भी इस कमी से चिंतित थे।

Chhattisgarh शासन की युक्तियुक्तकरण नीति लागू होने के बाद विद्यालय को 3 नए शिक्षक उपलब्ध कराए गए। विज्ञान सहायक शिक्षक श्री महेन्द्र ध्रुव की नियुक्ति से अब विज्ञान की पढ़ाई व्यवस्थित ढंग से हो रही है। श्रीमती मधुमती चंद्राकर व्याख्याता अर्थशास्त्र की नियुक्ति से कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हेतु मजबूत आधार मिला है। व्यायाम शिक्षक श्री ओ.पी. जायसवाल की उपलब्धता से खेलकूद गतिविधियों में नई जान आ गई है, जिससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास हो रहा है।

वर्तमान में विद्यालय में कक्षा 9वीं से 12वीं तक कुल 89 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। नए शिक्षकों की नियुक्ति से उनकी पढ़ाई में नई ऊर्जा आई है। बच्चे नियमित रूप से कक्षाओं में शामिल हो रहे हैं और पढ़ाई में गहरी रुचि ले रहे हैं। गाँव के लोग भी अब बदलाव को महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि अब हमारे बच्चों को वही शिक्षा मिल रही है, जिसकी हमें लंबे समय से उम्मीद थी। शासन की यह पहल बच्चों का भविष्य संवार देगी।

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