महासमुंद. जिले में धान खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर विनय लंगेह ने आज वन विभाग के प्रशिक्षण हॉल में सभी समिति प्रबंधकों, केंद्र प्रभारियों, डेटा एंट्री ऑपरेटरों और सुपरवाइजरों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने धान खरीदी से जुड़े प्रत्येक चरण के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए और स्पष्ट कहा कि “शासन के नियमों का कड़ाई से पालन करें, अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें।”
धान खरीदी से पहले नमी और गुणवत्ता की होगी जांच
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि धान की आवक से पहले किसानों के टोकन और नमी का परीक्षण किया जाए। 17 प्रतिशत से अधिक नमी वाले धान की खरीदी किसी भी स्थिति में न की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि 5 बजे के बाद किसी भी फड़ में धान खरीदी नहीं होगी। रिजेक्टेड या अधिक नमी वाले धान को शाम 5 बजे तक हटा लिया जाए ताकि उसी दिन उसका स्टैकिंग (Stacking) कार्य पूरा किया जा सके।
बारदाना वितरण और टोकन प्रक्रिया में सख्ती
कलेक्टर लंगेह ने कहा कि किसानों को बारदाना केवल उसी समय उपलब्ध कराया जाए जब वे अपने टोकन के साथ उपार्जन केंद्र पर उपस्थित हों। किसी भी किसान को खरीदी से पहले बारदाना नहीं दिया जाएगा।
इसके साथ ही सभी पंजी — जैसे टोकन रजिस्टर, धान आवक रजिस्टर, बारदाना वितरण रजिस्टर, तौल कांटा रजिस्टर, स्टेक रजिस्टर और निरीक्षण पंजी — सुव्यवस्थित रूप से संधारित करने के निर्देश दिए गए।
धान के बोरों की सही सिलाई और लेबलिंग अनिवार्य
कलेक्टर ने कहा कि सभी नए बारदाने पर समिति का नाम, पंजीयन नंबर और धान की किस्म स्पष्ट रूप से अंकित किया जाए। बोरे की सिलाई जूट की रस्सी (सुतली) से ही की जाए, प्लास्टिक रस्सी का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा।
धान की किस्म के अनुसार अलग-अलग स्टैकिंग की व्यवस्था रखी जाए ताकि गुणवत्ता में एकरूपता बनी रहे।
वर्षा और सुरक्षा के लिए आवश्यक तैयारी
कलेक्टर लंगेह ने कहा कि आकस्मिक वर्षा से बचाव के लिए प्रत्येक उपार्जन केंद्र में पर्याप्त मात्रा में डैनेज (प्लास्टिक बोरी, भूसा) के कैप कव्हर की व्यवस्था की जाए। साथ ही स्टैक के आसपास जल निकासी के लिए नाली निर्माण भी किया जाए।
सीसीटीवी और इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा अनिवार्य
सभी खरीदी केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे सक्रिय स्थिति में होने चाहिए।
धान खरीदी में केवल इलेक्ट्रॉनिक कांटा-बाट का उपयोग किया जाएगा। मैन्युअल काटे-बाट का उपयोग केवल अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अनुमति से किया जा सकेगा।
कोचिया-बिचौलियों पर सख्त निगरानी
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में बिचौलियों या कोचियों द्वारा अन्य किसानों के नाम पर धान बेचने की कोशिश न होने दी जाए।
ऐसे किसी भी प्रयास की तुरंत सूचना नोडल अधिकारी को दी जाए।
सीमावर्ती क्षेत्रों में सख्त निगरानी
अन्य राज्यों से अवैध धान परिवहन रोकने के लिए सीमावर्ती चेक पोस्टों पर विशेष दल तैनात किए गए हैं। यदि किसी वाहन में संदिग्ध धान पाया जाता है, तो तुरंत जप्ती और जांच कार्रवाई की जाएगी।
पंजीकृत किसानों की जांच और पारदर्शिता
कलेक्टर ने बताया कि पिछले वर्ष जिन किसानों ने धान विक्रय नहीं किया था, उनकी सूची सभी अनुविभागीय अधिकारियों को उपलब्ध कराई गई है। यदि कोई अन्य व्यक्ति उनके नाम पर टोकन जारी कराता है, तो तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
धान खरीदी केंद्रों में किसानों के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले धान के सैम्पल भी प्रदर्शित किए जाएं ताकि वे तुलना कर सकें।
शासन की प्राथमिकता: पारदर्शी और निष्पक्ष खरीदी
कलेक्टर विनय लंगेह ने दोहराया कि शासन की प्राथमिकता किसानों को उचित मूल्य और पारदर्शी खरीदी प्रक्रिया उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा —
“किसी भी तरह की अनियमितता या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों का पालन करें, नहीं तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें।”
धान खरीदी का यह सीजन शासन की सख्त निगरानी में रहेगा। कलेक्टर लंगेह के निर्देशों से स्पष्ट है कि अब किसानों के हित में पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण खरीदी ही प्रशासन की प्राथमिकता है। अनियमितता करने वालों पर निश्चित रूप से सख्त कार्रवाई होगी।