111 धान उपार्जन केंद्रों का प्रभार ग्राम पंचायत सचिवों को सौंपा गया | कलेक्टर के आदेश

महासमुंद. जिले में धान उपार्जन व्यवस्था को और अधिक सुचारु एवं पारदर्शी ढंग से संचालित करने के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विनय लंगेह ने महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के

Written by: Admin

Published on: November 17, 2025

महासमुंद. जिले में धान उपार्जन व्यवस्था को और अधिक सुचारु एवं पारदर्शी ढंग से संचालित करने के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विनय लंगेह ने महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान खरीदी कार्य को गति प्रदान करने हेतु जिले के 111 उपार्जन केंद्रों का संचालन अब ग्राम पंचायत सचिवों को सौंपा गया है।

इस संबंध में 12 नवंबर 2025 को जारी आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए यह सुनिश्चित किया गया है कि पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित हो और किसी भी प्रकार की देरी या अव्यवस्था न हो।

विकासखंडवार उपार्जन केंद्रों का विवरण

  • महासमुंद विकासखंड — 18 केंद्र
  • बागबाहरा — 09 केंद्र
  • कोमाखान — 09 केंद्र
  • पिथौरा — 24 केंद्र
  • बसना — 30 केंद्र
  • सरायपाली — 21 केंद्र

आदेश के बाद अब इन सभी केंद्रों की पूरी जिम्मेदारी ग्राम पंचायत सचिवों के पास होगी, जो धान खरीदी से जुड़े सभी प्रशासनिक कार्यों का प्रभार संभालेंगे—जिसमें व्यवस्था, किसानों की सुविधा, रिकॉर्ड संधारण एवं गुणवत्ता नियंत्रण शामिल है।

इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य किसानों को बेहतर एवं तेज़ सेवा उपलब्ध कराना, खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना और उपार्जन केंद्रों पर भीड़ एवं तकनीकी समस्याओं को कम करना है।

कलेक्टर विनय लंगेह द्वारा लिया गया यह निर्णय जिले की धान खरीदी व्यवस्था को नई दिशा देने वाला है और इससे किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

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