महासमुंद जिले में धान खरीदी प्रक्रिया के दौरान लापरवाही करने पर कलेक्टर विनय लंगेह ने टेमरी अंतरराज्यीय जांच चौकी में पदस्थ कर्मचारी साजिद मोहम्मद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण और विच्छिन्नता निवारण अधिनियम (ESMA Act) 1979 के तहत की गई है।
धान के अवैध परिवहन पर सख्ती के निर्देश
राज्य शासन ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए धान खरीदी अवधि 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक निर्धारित की है। इस दौरान अवैध धान परिवहन और भंडारण रोकने के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
जांच में मिलीं लापरवाही
अनुविभागीय अधिकारी बागबाहरा की रिपोर्ट में जांच चौकी के वाहन पंजी में अव्यवस्था पाई गई। कई वाहनों के बिल, मोबाइल नंबर और आवश्यक दस्तावेज दर्ज नहीं थे। साजिद मोहम्मद से स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन उनका जवाब अस्पष्ट और असंतोषजनक पाया गया।
एस्मा के उल्लंघन पर निलंबन आदेश
रिपोर्ट और जवाबों पर विचार करने के बाद पाया गया कि कर्मचारी ने अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता दिखाई। जिस पर कलेक्टर ने आदेश जारी करते हुए साजिद मोहम्मद (भृत्य/चौकीदार) को निलंबित किया और विभागीय जांच प्रारंभ करने के निर्देश दिए। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें शासन के नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
राज्य सरकार की सख्त नीति
राज्य शासन ने एस्मा अधिनियम लागू करते हुए स्पष्ट किया है कि धान खरीदी अवधि के दौरान किसी भी कर्मचारी की कर्तव्यहीनता को अपराध की श्रेणी में माना जाएगा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि धान खरीदी में गड़बड़ी या अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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