महासमुंद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारू बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने अवैध धान परिवहन, भंडारण एवं विक्रय के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ रखा है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशन में गठित संयुक्त टीमों द्वारा जिलेभर में लगातार निगरानी और जांच की जा रही है।
इस सघन अभियान के परिणामस्वरूप अब तक कुल 258 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 30,126.24 क्विंटल धान जब्त किया गया है। यह आंकड़ा राज्य में सर्वाधिक बताया जा रहा है, जो प्रशासन की सक्रियता और सख्ती को दर्शाता है।
अवैध परिवहन, भंडारण और विक्रय के 240 मामले दर्ज
प्रशासनिक कार्रवाई के तहत अवैध धान परिवहन, अवैध भंडारण तथा नियमों के विरुद्ध विक्रय से जुड़े 240 प्रकरण सामने आए हैं। इन मामलों में संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है, ताकि धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
18 राइस मिलों में अनियमितताएं, प्रकरण दर्ज
अभियान के दौरान जिले की 18 राइस मिलों का भौतिक सत्यापन भी किया गया। जांच में अनियमितताएं पाए जाने पर इन मिलों के विरुद्ध भी अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन न केवल परिवहन बल्कि प्रसंस्करण इकाइयों पर भी कड़ी नजर बनाए हुए है।
संयुक्त टीमों द्वारा जिलेभर में सतत निगरानी
इस अभियान में राजस्व, मंडी, सहकारिता और पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हैं। ये संयुक्त टीमें जिले के प्रमुख मार्गों, अंतर्राज्यीय जांच चौकियों, राइस मिलों और धान उपार्जन केंद्रों पर लगातार निरीक्षण कर रही हैं। धान खरीदी अवधि के दौरान विशेष सतर्कता बरती जा रही है ताकि किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा की जा सके।
लापरवाही पर नहीं मिलेगी कोई छूट: कलेक्टर
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निगरानी और जांच अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित जांच कर प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, जिससे समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था पर जनता का भरोसा बना रहे।
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