परीक्षा पे चर्चा 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय संवाद कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ के 9वें संस्करण ने देशभर में अभूतपूर्व लोकप्रियता हासिल कर ली है। 8 जनवरी 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस कार्यक्रम के लिए 4 करोड़ से अधिक रजिस्ट्रेशन दर्ज किए जा चुके हैं। यह संख्या न सिर्फ पिछले साल के 3.53 करोड़ के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ चुकी है, बल्कि इस पहल को एक विशाल राष्ट्रीय आंदोलन का रूप दे चुकी है।
छात्रों में सबसे ज्यादा उत्साह, शिक्षक और अभिभावक भी सक्रिय
परीक्षा से पहले तनाव को सकारात्मक ऊर्जा में बदलने वाले इस मंच पर सबसे बड़ी भागीदारी छात्रों की रही है। कक्षा 6 से 12 तक के लगभग 3.77 करोड़ छात्रों ने इसमें हिस्सा लेने के लिए पंजीकरण किया है। इसके साथ ही 23 लाख से अधिक शिक्षक और 5 लाख से ज्यादा अभिभावक भी इस संवाद का हिस्सा बनना चाहते हैं। यह आंकड़े दिखाते हैं कि अब परीक्षा के दौरान मानसिक स्वास्थ्य और मार्गदर्शन को लेकर समाज की सोच बदल रही है।
परीक्षा को तनाव नहीं, उत्सव बनाने की पहल
‘परीक्षा पे चर्चा’ का मुख्य उद्देश्य छात्रों को यह समझाना है कि बोर्ड परीक्षाएं जीवन का अंत नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण पड़ाव हैं। पीएम मोदी लगातार छात्रों को ‘एग्जाम वॉरियर्स’ बनने के लिए प्रेरित करते रहे हैं, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा का सामना कर सकें और असफलता के डर से मुक्त रह सकें।
11 जनवरी 2026 तक करें आवेदन
जो छात्र, शिक्षक या अभिभावक अब तक पंजीकरण नहीं कर पाए हैं, वे 11 जनवरी 2026 तक आधिकारिक पोर्टल innovateindia1.mygov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतिम तारीख तक यह संख्या और तेजी से बढ़ सकती है, क्योंकि बोर्ड परीक्षाओं के नजदीक आते ही छात्रों की रुचि और गहरी हो जाती है।
गोल्डन टिकट बना खास आकर्षण
इस साल ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का सबसे बड़ा आकर्षण ‘गोल्डन टिकट’ है। प्रतियोगिता के माध्यम से चुने गए 10 लीजेंडरी एग्जाम वॉरियर्स को प्रधानमंत्री निवास जाने और पीएम मोदी से व्यक्तिगत रूप से मिलने का मौका मिलेगा। इसके अलावा करीब 2,500 विजेताओं को विशेष प्रमाण पत्र, परीक्षा पे चर्चा किट और पीएम मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ भी प्रदान की जाएगी।
पीपीसी 2026: अब एक जन-आंदोलन
परीक्षा पे चर्चा अब सिर्फ एक संवाद कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह छात्रों, माता-पिता और शिक्षकों को जोड़ने वाला एक व्यापक जन-आंदोलन बन चुका है। 4 करोड़ से ज्यादा पंजीकरण यह साबित करते हैं कि प्रधानमंत्री का यह प्रयास भारतीय शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव ला रहा है और परीक्षाओं को लेकर डर की जगह आत्मविश्वास भर रहा है।
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