SBI ग्राहकों के लिए झटका! ATM से कैश निकालना और बैलेंस चेक करना हुआ महंगा
अगर आप स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहक हैं और ATM का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। SBI ने ATM ट्रांजैक्शन चार्ज में बढ़ोतरी कर दी है, जिससे अब फ्री लिमिट खत्म होने के बाद कैश निकालना और बैलेंस चेक करना महंगा पड़ेगा। यह बदलाव उन ग्राहकों को प्रभावित कर सकता है जो नियमित रूप से दूसरे बैंकों के ATM का उपयोग करते हैं।
SBI ATM चार्ज में क्या हुआ बदलाव?
SBI ने फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट खत्म होने के बाद ATM से कैश निकालने और नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन पर लगने वाली फीस बढ़ा दी है। पहले जहां कैश विदड्रॉल पर 21 रुपये चार्ज लगता था, अब GST सहित यह बढ़कर 23 रुपये हो गया है। वहीं बैलेंस इन्क्वायरी या मिनी स्टेटमेंट जैसे नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन पर अब 11 रुपये चार्ज देना होगा।
फ्री ट्रांजैक्शन की लिमिट क्या रहेगी?
SBI सेविंग्स अकाउंट धारकों को पहले की तरह दूसरे बैंकों के ATM पर हर महीने 5 फ्री ट्रांजैक्शन मिलते रहेंगे। लेकिन इस लिमिट के बाद हर अतिरिक्त ट्रांजैक्शन पर नया चार्ज लागू होगा। यानी अगर आप बार-बार ATM का इस्तेमाल करते हैं, तो आपकी जेब पर असर पड़ सकता है।
किन खातों पर नहीं पड़ेगा असर?
इस चार्ज बढ़ोतरी का असर कुछ खास खातों पर नहीं पड़ेगा। बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) अकाउंट, SBI ATM का इस्तेमाल करने वाले SBI डेबिट कार्ड होल्डर्स और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) अकाउंट धारक इन बढ़े हुए चार्ज से बाहर रखे गए हैं।
SBI ने क्यों बढ़ाए ATM चार्ज?
SBI ने यह फैसला इंटरचेंज फीस में हाल ही में हुई बढ़ोतरी के कारण लिया है। बैंक का कहना है कि ATM नेटवर्क के रखरखाव और ट्रांजैक्शन कॉस्ट बढ़ने की वजह से चार्ज में बदलाव जरूरी हो गया था।
ग्राहकों के लिए क्या है जरूरी सलाह?
अगर आप ATM से बार-बार कैश निकालते या बैलेंस चेक करते हैं, तो फ्री लिमिट का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। डिजिटल बैंकिंग, मोबाइल ऐप और UPI जैसे विकल्पों का इस्तेमाल करके आप अतिरिक्त चार्ज से बच सकते हैं। बढ़ते चार्ज को देखते हुए पहले से प्लान करना समझदारी भरा कदम होगा।