‘सपने देखते रहो’ — NATO चीफ का यूरोप को सख्त संदेश

नई दिल्ली. यूरोप की सुरक्षा को लेकर NATO के महासचिव मार्क रुटे ने बेहद सख्त और साफ संदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर कोई यह सोचता है कि यूरोप या यूरोपीय संघ अमेरिका

Written by: Admin

Published on: January 27, 2026

नई दिल्ली. यूरोप की सुरक्षा को लेकर NATO के महासचिव मार्क रुटे ने बेहद सख्त और साफ संदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर कोई यह सोचता है कि यूरोप या यूरोपीय संघ अमेरिका के बिना अपनी रक्षा कर सकता है, तो वह “सपनों की दुनिया” में जी रहा है। रुटे के मुताबिक मौजूदा वैश्विक हालात में यूरोप और अमेरिका एक-दूसरे के बिना सुरक्षित नहीं रह सकते।

ब्रसेल्स में EU सांसदों को चेतावनी

ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के सांसदों को संबोधित करते हुए मार्क रुटे ने कहा कि अमेरिका के बिना यूरोप की सुरक्षा की कल्पना भी अव्यावहारिक है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “अगर किसी को लगता है कि यूरोप अमेरिका के बिना खुद को बचा सकता है, तो वह सपना ही देखता रहे।” रुटे ने जोर देकर कहा कि ट्रांस-अटलांटिक साझेदारी NATO की रीढ़ है।

NATO के भीतर क्यों बढ़ रहा है तनाव

हाल के हफ्तों में NATO के अंदर मतभेद और तनाव बढ़े हैं। इसकी एक बड़ी वजह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान रहे, जिनमें उन्होंने डेनमार्क के अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में लेने की बात कही थी। इसके अलावा ग्रीनलैंड का समर्थन करने वाले यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी ने भी रिश्तों में खटास बढ़ाई थी, हालांकि बाद में शुरुआती समझौते के बाद यह कदम टाल दिया गया।

आर्टिकल 5: NATO की सबसे बड़ी ताकत

NATO के 32 सदस्य देशों के बीच आर्टिकल 5 सबसे अहम सुरक्षा गारंटी है। इसके तहत अगर किसी एक सदस्य देश पर हमला होता है, तो बाकी सभी देश उसकी रक्षा के लिए बाध्य होते हैं। यही सामूहिक सुरक्षा सिद्धांत NATO को दुनिया का सबसे ताकतवर सैन्य गठबंधन बनाता है।

रक्षा खर्च बढ़ाने पर बनी सहमति

हेग में हुए NATO शिखर सम्मेलन में अमेरिका के दबाव के बाद यूरोपीय देशों और कनाडा ने रक्षा खर्च बढ़ाने पर सहमति जताई। स्पेन को छोड़कर लगभग सभी सदस्य देशों ने अगले 10 वर्षों में अपने रक्षा बजट को बढ़ाने का वादा किया।

2035 तक GDP का 5% खर्च करने का लक्ष्य

NATO देशों ने तय किया है कि 2035 तक वे अपनी GDP का कुल 5% रक्षा और सुरक्षा पर खर्च करेंगे। इसमें से 3.5% सीधे सैन्य रक्षा पर और 1.5% सुरक्षा से जुड़ी बुनियादी व्यवस्थाओं पर खर्च किया जाएगा। यह फैसला बदलते वैश्विक सुरक्षा हालात को देखते हुए लिया गया है।

‘अकेले चलना है तो 10% खर्च करना होगा’

मार्क रुटे ने चेतावनी दी कि अगर यूरोप वाकई अमेरिका के बिना आगे बढ़ना चाहता है, तो 5% रक्षा खर्च भी नाकाफी होगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में यूरोप को GDP का करीब 10% रक्षा पर खर्च करना पड़ेगा और साथ ही खुद की परमाणु क्षमता भी विकसित करनी होगी, जिस पर अरबों यूरो खर्च होंगे।

अमेरिका की परमाणु छतरी क्यों अहम

रुटे के अनुसार यूरोप की सबसे बड़ी सुरक्षा गारंटी अमेरिका की परमाणु सुरक्षा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर अमेरिका साथ नहीं रहा, तो यूरोप अपनी आज़ादी की आखिरी गारंटी भी खो देगा। उनके शब्दों में, “अगर अमेरिका नहीं हुआ, तो… गुड लक।”

Previous

GDS Recruitment 2026 Notification जारी, बिना परीक्षा सरकारी नौकरी का अवसर

Next

बैंकिंग करियर का बड़ा अवसर, UCO बैंक में 173 SO पदों पर भर्ती