Ranveer Singh Kantara controversy affidavit: बॉलीवुड सुपरस्टार रणवीर सिंह इस समय अपने करियर के सबसे ऊंचे मुकाम पर नजर आ रहे हैं। उनकी हालिया फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी शानदार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म की सफलता ने उन्हें ग्लोबल स्टार के रूप में स्थापित कर दिया है।
लेकिन इस सफलता के बीच एक विवाद ऐसा है, जिसकी वजह से उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं—‘कांतारा’ मिमिक्री विवाद। यह मामला अब कानूनी स्तर पर गंभीर मोड़ ले चुका है।

कोर्ट का सख्त रुख: हलफनामा दाखिल करने का आदेश
मंगलवार, 24 मार्च 2026 को कर्नाटक हाई कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने रणवीर सिंह के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अभिनेता को इस पूरे मामले में बिना किसी शर्त के माफी मांगते हुए एक आधिकारिक हलफनामा (Affidavit) दाखिल करना होगा।
अदालत ने इसके लिए समय सीमा भी तय कर दी है और अगली सुनवाई 10 अप्रैल को निर्धारित की गई है। इससे पहले रणवीर को अपना पक्ष शपथपत्र के रूप में प्रस्तुत करना होगा।
Ranveer Singh Kantara controversy affidavit: वकीलों के तर्क और बहस
रणवीर सिंह के वकील का पक्ष
सुनवाई के दौरान अभिनेता के वकील ने अदालत को भरोसा दिलाया कि रणवीर सिंह व्यक्तिगत रूप से मैसूर स्थित चामुंडी मंदिर जाकर अपनी गलती के लिए माफी मांगेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि अभिनेता अपनी ओर से पूरी संवेदनशीलता के साथ इस मामले को सुलझाना चाहते हैं।
विरोधी पक्ष की आपत्ति
वहीं, विरोधी पक्ष के वकील इस तर्क से संतुष्ट नहीं दिखे। उनका कहना था कि रणवीर सिंह ने अब तक केवल सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए औपचारिक माफी दी है, जो पर्याप्त नहीं है।
उनका मानना है कि अभिनेता को सार्वजनिक रूप से सामने आकर अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए थी।
Ranveer Singh Kantara controversy affidavit: क्या है पूरा ‘कांतारा’ विवाद?
यह विवाद पिछले साल आयोजित गोवा फिल्म फेस्टिवल से शुरू हुआ था। आरोप है कि रणवीर सिंह ने मंच पर कांतारा के एक बेहद संवेदनशील और पवित्र ‘दैव’ (Daiva) सीन की नकल की थी।
इस सीन का कर्नाटक की संस्कृति में गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है।
बताया जाता है कि फिल्म के निर्देशक और अभिनेता ऋषभ शेट्टी ने रणवीर को ऐसा करने से मना भी किया था, लेकिन उन्होंने इस सलाह को नजरअंदाज कर दिया।
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Ranveer Singh Kantara controversy affidavit: धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप
विवाद उस समय और बढ़ गया जब रणवीर सिंह ने ‘दैव’ को ‘घोस्ट’ (भूत) कहकर संबोधित किया।
यह टिप्पणी स्थानीय लोगों और संस्कृति से जुड़े लोगों को बेहद आपत्तिजनक लगी। कर्नाटक में ‘दैव’ को एक दिव्य शक्ति के रूप में पूजा जाता है, और इस तरह का संबोधन धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला माना गया।
इसके बाद अभिनेता के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई और मामला अदालत तक पहुंच गया।
पहले मिली राहत, अब बढ़ा दबाव
फरवरी में हुई पिछली सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने रणवीर सिंह को अस्थायी राहत देते हुए पुलिस को उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई से रोक दिया था।
लेकिन अब अदालत का रुख कड़ा होता नजर आ रहा है। हलफनामा दाखिल करने का आदेश इस बात का संकेत है कि कोर्ट इस मामले को गंभीरता से देख रहा है।
Ranveer Singh Kantara controversy affidavit: सफलता बनाम विवाद: दोराहे पर रणवीर सिंह

एक तरफ रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर रही है, वहीं दूसरी तरफ यह विवाद उनके इमेज पर असर डाल सकता है।
ग्लोबल स्टारडम हासिल करने के साथ-साथ सार्वजनिक जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है, और इस केस ने यही सवाल खड़ा किया है कि क्या कलाकारों को सांस्कृतिक संवेदनशीलता का अधिक ध्यान रखना चाहिए।
Ranveer Singh Kantara controversy affidavit: आगे क्या होगा?
अब सभी की नजरें 10 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि रणवीर सिंह अदालत के निर्देशों का पालन किस तरह करते हैं और क्या उनका हलफनामा इस विवाद को खत्म कर पाएगा या नहीं।
यह मामला केवल एक अभिनेता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक सम्मान, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जिम्मेदारी के बीच संतुलन का भी बड़ा उदाहरण बन गया है।