नई दिल्ली. भारत और फ्रांस के बीच समुद्री सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में भारतीय नौसेना ने एक अहम कदम उठाया है। भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस त्रिशूल (INS Trishul) 22 सितंबर 2026 को फ्रांस के टूलॉन पहुंचा, जहां उसने फ्रांसीसी नौसेना के साथ वार्षिक द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास ‘वरुण’ (Exercise Varuna) के 24वें संस्करण में हिस्सा लिया।
इस दौरान दोनों देशों की नौसेनाओं ने समुद्री अभियानों से जुड़े विभिन्न अभ्यासों के जरिए ऑपरेशनल कोऑर्डिनेशन, इंटरऑपरेबिलिटी और समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत किया। अभ्यास में पनडुब्बी रोधी युद्ध, सतह रोधी अभियान, लाइव फायरिंग और क्रॉस-डेक हेलीकॉप्टर लैंडिंग जैसे महत्वपूर्ण नौसैनिक अभ्यास शामिल रहे।
टूलॉन पहुंचने पर INS त्रिशूल का भव्य स्वागत
फ्रांस के टूलॉन बंदरगाह पहुंचने पर फ्रांसीसी नौसेना ने आईएनएस त्रिशूल का औपचारिक वॉटर कैनन सलामी के साथ स्वागत किया। बंदरगाह चरण के दौरान दोनों देशों के नौसैनिक कर्मियों के बीच पेशेवर, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया।
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य भारत और फ्रांस की नौसेनाओं के बीच लंबे समय से चले आ रहे समुद्री सहयोग और पेशेवर संबंधों को और मजबूत करना था।
आईएनएस त्रिशूल के कमांडिंग ऑफिसर ने फ्रांसीसी नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान संचालन से जुड़े मुद्दों और दोनों नौसेनाओं के बीच सहयोग को लेकर पेशेवर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
205 भारतीय सैनिकों को दी श्रद्धांजलि
आईएनएस त्रिशूल के कमांडिंग ऑफिसर, अधिकारियों और चालक दल ने मार्सिले स्थित मजार्ग्स युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। यहां उन्होंने विश्व युद्धों के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले 205 भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।
यह कार्यक्रम भारत और फ्रांस के बीच ऐतिहासिक सैन्य संबंधों तथा दोनों देशों के सशस्त्र बलों के साझा इतिहास की याद दिलाने वाला महत्वपूर्ण अवसर रहा।
क्रॉस-डेक विजिट से बढ़ी नौसैनिक समझ
भारत-फ्रांस नौसैनिक अभ्यास वरुण के दौरान पेशेवर गतिविधियों में क्रॉस-डेक दौरे और परिचालन अनुभवों का आदान-प्रदान भी हुआ। भारतीय नौसेना के कर्मियों ने फ्रांसीसी नौसेना के विभिन्न युद्धपोतों का दौरा किया और उनके संचालन तथा जहाज पर अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं को समझा।
आईएनएस त्रिशूल के चालक दल ने फ्रांसीसी नौसेना के चार्ल्स डी गॉल, फोर्बिन और ला फेयेट जैसे जहाजों का भी दौरा किया। इन दौरों के दौरान विमानवाहक पोत संचालन, विमानन सुविधाओं और जहाज पर इस्तेमाल की जाने वाली परिचालन प्रक्रियाओं की जानकारी हासिल की गई।
INS त्रिशूल पर हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम
टूलॉन प्रवास के दौरान आईएनएस त्रिशूल पर सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसमें टूलॉन के उप महापौर, वाइस एडमिरल (सेवानिवृत्त) लॉरेंट इस्नार्ड, फ्रांसीसी नौसेना के अधिकारी और अन्य नागरिक गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।
दोनों देशों के नौसैनिक कर्मियों के बीच आयोजित वॉलीबॉल मैच ने भी आपसी सौहार्द और टीम भावना को बढ़ावा दिया।
पनडुब्बी रोधी युद्ध से लाइव फायरिंग तक अभ्यास
समुद्री चरण में आईएनएस त्रिशूल ने फ्रांसीसी नौसेना की विभिन्न इकाइयों के साथ संयुक्त समुद्री अभ्यास किया। इनमें FDA फोर्बिन, FLF ला फेयेट और SNA सफ्रेन के साथ-साथ NH90 हेलीकॉप्टर और अटलांटिक-2 समुद्री गश्ती विमान शामिल रहे।
अभ्यास के दौरान पनडुब्बी रोधी युद्ध (Anti-Submarine Warfare), सतह रोधी युद्ध (Anti-Surface Warfare), लाइव फायरिंग और क्रॉस-डेक हेलीकॉप्टर लैंडिंग जैसी गतिविधियां की गईं।
इन अभ्यासों के जरिए दोनों नौसेनाओं ने वास्तविक समुद्री अभियानों के दौरान बेहतर समन्वय, संचार और परिचालन तालमेल विकसित करने पर जोर दिया।
भारत-फ्रांस समुद्री साझेदारी को मिला नया आयाम
आईएनएस त्रिशूल की टूलॉन यात्रा और वरुण 2026 नौसैनिक अभ्यास भारत और फ्रांस के बीच मजबूत समुद्री साझेदारी को दर्शाता है। संयुक्त अभ्यासों और पेशेवर आदान-प्रदान से दोनों नौसेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी, परिचालन क्षमता और समुद्री सहयोग को बढ़ावा मिला।
भारत और फ्रांस के बीच रक्षा एवं समुद्री क्षेत्र में नियमित संपर्क दोनों देशों की नौसैनिक सेनाओं को साझा परिचालन प्रक्रियाओं और समुद्री सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों पर साथ काम करने का अवसर देता है। आईएनएस त्रिशूल की यह यात्रा भी इसी व्यापक समुद्री सहयोग का हिस्सा रही।
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