रायपुर. छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए पूरी तरह सख्त नजर आ रही है। इसी कड़ी में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के खनिज उड़नदस्ता दल ने अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रहे 6 ट्रैक्टरों को जब्त कर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से अवैध खननकर्ताओं में हड़कंप मच गया है।
मरवाही और गौरेला क्षेत्र में की गई छापेमारी
प्रशासन द्वारा लगातार मिल रही शिकायतों और निगरानी के बाद जिले के प्रमुख इलाकों में औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें निम्नलिखित स्थानों पर जब्ती की कार्रवाई की गई:
- मरवाही क्षेत्र: चीचगोहना पुल के नीचे अवैध रूप से रेत ले जाते हुए 2 ट्रैक्टर और मरिहीघाट क्षेत्र से रेत से भरे 3 ट्रैक्टर पकड़े गए। जब्त किए गए इन सभी 5 वाहनों को सुरक्षित रूप से मरवाही थाने में खड़ा कराया गया है।
- गौरेला क्षेत्र: पिपरिया इलाके में अवैध रेत परिवहन में संलिप्त 1 ट्रैक्टर को धर दबोचा गया, जिसे गौरेला थाने की सुपुर्दगी में सुरक्षित रखा गया है।
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खनिज अधिनियम के तहत होगी पेनाल्टी और कड़ी कार्रवाई
खनिज विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए सभी वाहनों के मालिकों की पहचान कर ली गई है। इन सभी के खिलाफ खान और खनिज अधिनियम (Mines and Minerals Act) के प्रावधानों के तहत सख्त वैधानिक कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामलों में निर्धारित अर्थदंड (Penalty) या समझौता राशि शासकीय खनिज मद में जमा कराने के बाद ही नियमानुसार वाहनों को मुक्त किया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण और राजस्व सुरक्षा के लिए जारी रहेगा अभियान
राज्य शासन की मंशा है कि प्रदेश की खनिज संपदा का दोहन पूरी तरह पारदर्शी और नियमानुसार हो। अवैध कारोबार से होने वाली राजस्व की क्षति को रोकने के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ यह विशेष अभियान और अधिक सख्ती के साथ जारी रहेगा। खबरें पढ़ने के लिए babapost.in पर विजिट करें।

