महासमुंद. बसना विकासखंड के ग्राम पंचायत उड़ेला के आश्रित गांव मुड़ीडीह में हुए दर्दनाक हादसे के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। शासकीय प्राथमिक शाला मुड़ीडीह के परिसर में झूले में खेलने के दौरान चौथी कक्षा के छात्र तरुण चौहान की मौत के मामले में गाज गिर गई है। विभाग ने कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में स्कूल के प्रधानपाठक रघुनाथ चौधरी और सहायक शिक्षक (एलबी) गुणितराम चौधरी को निलंबित कर दिया है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने की कार्रवाई
जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) महासमुंद द्वारा जारी आदेश के अनुसार, बसना विकासखंड शिक्षा अधिकारी की ओर से सौंपी गई प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कदम उठाया गया है। जांच में दोनों शिक्षकों को प्रथम दृष्टया बच्चों की सुरक्षा और देखरेख के प्रति लापरवाह पाया गया।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि स्कूल परिसर में पेड़ पर बंधे झूले से खेलते समय चौथी के छात्र के साथ यह खौफनाक हादसा हुआ। शिक्षकों का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का स्पष्ट उल्लंघन है। इसी के तहत छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 के अंतर्गत दोनों पर निलंबन की कार्रवाई की गई है।
विभाग द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक, निलंबन की अवधि के दौरान दोनों निलंबित शिक्षकों का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय, बसना तय किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
ये है डीईओ का आदेश

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे थे गंभीर सवाल
हादसे के बाद से ही ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त था। परिजनों और गांव के लोगों ने स्कूल परिसर में बच्चों की देखरेख, निगरानी व्यवस्था और अनधिकृत झूले को लेकर सवाल खड़े किए थे। ग्रामीणों की मांग थी कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाए।
विभागीय कार्रवाई सामने आने के बाद यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले में विस्तृत विभागीय जांच अभी जारी है। पूर्ण जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और साफ होगी और उसके आधार पर आगे की वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।खबरें पढ़ने के लिए babapost.in पर विजिट करें।
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