महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के विरोध में शहर कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को ब्लॉक स्तरीय विरोध मार्च निकाला। ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान के तहत निकाले गए इस मार्च में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से बर्खास्त करने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की मांग की गई।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष द्वारिकाधीश यादव के मार्गदर्शन में यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गुरमीत चावला के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता कांग्रेस भवन से मार्च निकालकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे।
यहां कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची से कथित तौर पर पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने के मुद्दे पर विरोध दर्ज कराया। इसके बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर लगाए आरोप
विरोध मार्च के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में नियमों के विरुद्ध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। पार्टी नेताओं ने इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई के साथ गिरफ्तारी की मांग उठाई।
हालांकि, मतदाता सूची में नाम हटाए जाने और कथित अनियमितताओं को लेकर लगाए गए ये आरोप कांग्रेस नेताओं के हैं। इन आरोपों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र जांच या संबंधित प्राधिकरण के निष्कर्षों की जानकारी इस विवरण में उपलब्ध नहीं है।
मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शन में भारतीय जनता पार्टी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ भी नारेबाजी की गई।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता सूची की शुद्धता और प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान के अधिकार की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। उनका कहना था कि किसी योग्य मतदाता का नाम अनुचित तरीके से सूची से हटना गंभीर विषय है, इसलिए ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग
एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। पार्टी ने पूरे प्रकरण की जांच कराने, जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की।
शहर कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट किया कि ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान के तहत लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा से जुड़े मुद्दों पर जनजागरूकता और लोकतांत्रिक विरोध जारी रखा जाएगा।
विरोध मार्च में प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रभारी महामंत्री अमरजीत चावला, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं महासमुंद विधानसभा क्षेत्र की वर्ष 2023 की कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. रश्मि चंद्राकर, पूर्व संसदीय सचिव एवं पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोजकांत साहू प्रमुख रूप से शामिल हुए।
इसके अलावा लक्ष्मी देवांगन, भरत ठाकुर, निर्मल जैन, राशि महिलांग, अमन चंद्राकर, ढेलू निषाद, पार्षद मुस्ताक खान, तुलसी साहू, मनोहर ठाकुर, तबरेज खान, वीरेंद्र चंद्राकर, अमर चंद्राकर, सोनम बंसोड़, डॉ. एजाज नकवी, नितेंद्र बनर्जी, राजू साहू, अनुराग चंद्राकर, टोमन कागजी, अरिश अनवर, डॉ. केके जैन, नारायण नामदेव, कपिल साहू, संतोष धीवर, राजेंद्र साहू, मोती साहू, लीलू साहू, युवराज साहू, पिंकी ध्रुव, लक्ष्मी सोनी, विक्रम कांत साहू, लता चंद्राकर, तुलसी देवदास, भानू सोनी और छोटेलाल सहित अनेक कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। babapost.in पर पढ़ें Lifestyle से जुड़ी खबरें।

