महासमुंद में महिलाओं को साइबर ठगी से बचने के बताए तरीके, OTP और UPI PIN साझा करने से पहले रहें सावधान

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महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में महिलाओं को साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में ग्राम भुरका में शिविर आयोजित कर महिलाओं को डिजिटल फ्रॉड के विभिन्न तरीकों, उनसे बचाव के उपायों और साइबर ठगी होने पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद की सचिव आफरीन बानो के मार्गदर्शन में यह जागरूकता पहल की जा रही है। आरक्षी केंद्रों में पदस्थ पैरालीगल वालेंटियर विभिन्न स्थानों पर शिविर लगाकर आम नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक कर रहे हैं। ग्राम भुरका में आयोजित शिविर में पैरालीगल वालेंटियर हरिचंद साहू ने महिलाओं को साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी।

महिलाओं को किया जागरूक

शिविर में बताया गया कि इंटरनेट और डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी के मामले भी सामने आ रहे हैं। ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों की बैंकिंग जानकारी हासिल करने, पैसे ऐंठने और सोशल मीडिया पर पहचान का दुरुपयोग करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में सतर्कता और साइबर सुरक्षा के नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है।

हरिचंद साहू ने महिलाओं को समझाया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, ATM PIN, UPI PIN या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध वेबसाइट खोलने और अविश्वसनीय स्रोतों से मोबाइल ऐप डाउनलोड करने से भी बचना चाहिए।

फर्जी कॉल, डिजिटल अरेस्ट और UPI फ्रॉड से रहें सावधान

जागरूकता शिविर में साइबर अपराध के कई प्रमुख तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। महिलाओं को बताया गया कि साइबर ठग कभी बैंक कर्मचारी, तो कभी पुलिस, सीबीआई या अन्य सरकारी अधिकारी बनकर फोन कर सकते हैं। कुछ ठग कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर या वीडियो कॉल के जरिए दबाव बनाकर पैसे मांगते हैं। इस तरह की गतिविधियों से सावधान रहना जरूरी है।

डिजिटल भुगतान करते समय भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई। पैसे प्राप्त करने के लिए सामान्यतः UPI PIN दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होती। किसी को भुगतान करने से पहले प्राप्तकर्ता का नाम और विवरण जांचना चाहिए, ताकि गलत खाते में पैसे भेजने या ऑनलाइन पेमेंट फ्रॉड का शिकार होने से बचा जा सके।

नौकरी के नाम पर ठगी से बचें

शिविर में फर्जी फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप अकाउंट के जरिए होने वाली धोखाधड़ी के बारे में भी बताया गया। किसी की पहचान का गलत इस्तेमाल, अश्लील संदेश, साइबर बुलिंग और ब्लैकमेलिंग जैसी घटनाओं से बचने के लिए सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करते समय सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई।

इसके अलावा नौकरी दिलाने, लॉटरी जिताने, सरकारी योजना का लाभ दिलाने या आकर्षक इनाम देने के नाम पर पैसे मांगने वालों से सतर्क रहने की अपील की गई। बैंक खाते की KYC अपडेट करने, खाता बंद होने या बैंकिंग समस्या का डर दिखाकर गोपनीय जानकारी मांगने वाले कॉल और संदेशों पर बिना पुष्टि के भरोसा नहीं करना चाहिए। फर्जी निवेश योजनाओं, संदिग्ध लोन ऐप और अग्रिम शुल्क मांगने वाले प्रस्तावों से भी दूर रहने की सलाह दी गई।

1930 पर करें शिकायत

हरिचंद साहू ने महिलाओं को साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने के तरीकों की जानकारी देते हुए बताया कि यदि किसी के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए। इसके साथ ही भारत सरकार के आधिकारिक साइबर अपराध पोर्टल https://cybercrime.gov.in/ पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।

ठगी का पता चलते ही संबंधित लेनदेन की जानकारी, बैंक से प्राप्त संदेश और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखना उपयोगी होता है। समय पर शिकायत करने से धोखाधड़ी की रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने की संभावना बढ़ सकती है।

इस जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और आम नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव के उपाय बताना तथा डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करना है। शिविर के माध्यम से संदेश दिया गया कि जागरूकता, सतर्कता और समय पर शिकायत साइबर ठगी से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। किसी भी संदिग्ध या आपातकालीन स्थिति में नागरिकों को संबंधित पुलिस अथवा अधिकृत सहायता तंत्र से संपर्क करना चाहिए। babapost.in पर मनोरंजन जगत की खबरें पढ़ें।

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