रायपुर. छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग ने प्रशासनिक प्रक्रिया को गति देते हुए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के कड़े निर्देशों और विभागीय समिति की अनुशंसा के आधार पर, प्रदेश के विभिन्न जिलों में सेवाएं दे रहे 12 पर्यवेक्षकों (Supervisors) की परिवीक्षा (प्रोबेशन) अवधि सफलतापूर्वक समाप्त कर दी गई है।
किन जिलों के पर्यवेक्षकों को मिला लाभ?
विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार, परिवीक्षा अवधि पूरी करने वाले ये पर्यवेक्षक राज्य के अलग-अलग जिलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं:
- प्रमुख जिले: बस्तर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, बालोद, दुर्ग और रायपुर।
- शामिल अधिकारी: इस सूची में श्रीमती माया यादव, अनुका चन्द्रवंशी, धनेश्वरी नाग, श्रीमती रितु देवांगन, रजनी भौमना, श्रीमती संध्या साहू, श्रीमती डिम्पल साहू, श्रीमती तृप्ति शर्मा, श्रीमती अंजू सिंह, अम्बा पटेल, गुंजा ध्रुव और श्रीमती कंचन माहेश्वरी के नाम शामिल हैं।
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विशेष नोट: विभागीय नियमों के तहत श्रीमती तृप्ति शर्मा के मामले में विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करने की आधिकारिक तिथि के आधार पर परिवीक्षा अवधि समाप्त करने की आवश्यक कार्रवाई पूरी की गई है।
क्या कहता है नियम?
यह आदेश छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम, 1961 के नियम 8(6) के प्रावधानों के तहत जारी किया गया है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्तमान में स्थायी पद उपलब्ध न होने के कारण फिलहाल स्थायीकरण (Permanent Confirmation) का आदेश जारी नहीं किया गया है। जैसे ही विभाग में रिक्त स्थायी पद उपलब्ध होंगे, नियमानुसार इन सभी अधिकारियों को स्थायी करने की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। खबरें पढ़ने के लिए विजिट करें babapost.in पर।

