महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के ग्रामीण इलाकों में तेंदुए की दहशत एक बार फिर से गहरा गई है। वन अंचल में जंगली जानवरों की बढ़ती आवाजाही ने ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ा दी है। ताजा मामला महासमुंद के पंडरीपानी गांव का है, जहां शुक्रवार की बीती रात एक खूंखार तेंदुआ सीधे रिहायशी इलाके में जा धमका। तेंदुए ने न सिर्फ एक घर को अपना निशाना बनाया, बल्कि मवेशियों का शिकार कर लोगों को दहशत में ला दिया है।
एक रात, दो घर में मवेशियों पर हमला
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार की देर रात एक तेंदुआ अचानक पंडरीपानी गांव के भीतर घुस आया। सबसे पहले तेंदुआ ग्रामीण चैतराम पांडे के घर में दाखिल हुआ और वहां रखी बत्तख पर हमला कर उसे अपना निवाला बना लिया।
इसके बाद तेंदुआ पड़ोस की बाड़ी में जा पहुंचा। वहां कुसनो पांडे के घर के बाड़े में बने बकरी शेड में तेंदुए ने एक गर्भवती बकरी को मार डाला। एक ही रात में दो अलग-अलग घरों तक तेंदुए की धमकके चलते ग्रामीणों में दहशत है।
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लगातार बढ़ रही हैं घटनाएं, पहले भी हो चुके हैं हमले
ग्रामीणों का कहना है कि इस इलाके में तेंदुओं की गतिविधियां लंबे समय से बनी हुई हैं, जिससे लोग डर के साये में जीने को मजबूर हैं:
- 3 अक्टूबर: लक्ष्मीनारायण यादव के घर के पास तेंदुए की मौजूदगी दर्ज की गई थी।
- 4 अक्टूबर: पड़ोसी गांव झिटकी में तेंदुए ने एक साथ छह लोगों पर गंभीर हमला कर दिया था, हालांकि, उस तेंदुए का रेस्क्यू किया गया था, लेकिन बाद में उसकी मौत हो गई थी।
- 20 अक्टूबर की दरम्यानी रात: बेहराभांठा, बनियातोरा और परकोम सहित आसपास के कई गांवों में तेंदुए को घूमते हुए देखा गया था।
ग्रामीणों की सुरक्षा पर मंडराया खतरा, वन विभाग से लगाई गुहार
लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद पंडरीपानी और आसपास के ग्रामीण बुरी तरह सहम गए हैं। लोगों को अपने बच्चों, बुजुर्गों और पालतू मवेशियों की सुरक्षा की कड़ी चिंता सता रही है। ग्रामीण रात के समय घरों से बाहर निकलने से भी कतरा रहे हैं।
क्षेत्र के लोगों ने वन विभाग (Forest Department) से तुरंत सख्त कदम उठाने की मांग की है। ग्रामीणों की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
- प्रभावित गांवों में तेंदुए की गतिविधियों पर ड्रोन या कैमरों से कड़ी निगरानी रखी जाए।
- सुरक्षा के लिहाज से गांवों में नियमित रूप से वन विभाग की पेट्रोलिंग (गश्त) बढ़ाई जाए।
- ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए विशेष दिशा-निर्देश और चेतावनी जारी की जाए।
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