जयपुर. राजस्थान उच्च न्यायालय भवन में सोमवार सुबह बम की सूचना मिलते ही परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस को अलर्ट मिलने पर तत्काल भारी पुलिस बल और बम निरोधक दस्ते को मौके पर भेजा गया। टीमों ने पूरे हाईकोर्ट परिसर की विस्तृत तलाशी ली, लेकिन जाँच में कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल मामले को अफवाह माना जा रहा है और यह पता लगाया जा रहा है कि गलत सूचना देने के पीछे किसका हाथ था और उसका उद्देश्य क्या था।
अचानक फैली इस अफवाह के कारण वकीलों, कर्मचारियों और मुवक्किलों में तनाव का माहौल बन गया। तलाशी के दौरान अदालतों में कार्यवाही कुछ समय के लिए रोकनी पड़ी, जिससे कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई प्रभावित हुई।
पिछले कुछ दिनों में जयपुर में इस तरह की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 5 दिसंबर को भी इसी प्रकार की बम अफवाह ने सुरक्षा एजेंसियों को पूरे परिसर की गहन जाँच के लिए मजबूर किया था। लगातार ऐसे मामले सामने आने से पुलिस और सुरक्षा एजेंसियाँ और अधिक सतर्क हो गई हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फर्जी बम सूचनाएँ न केवल सुरक्षा व्यवस्था को बाधित करती हैं बल्कि आम लोगों में अनावश्यक भय भी उत्पन्न करती हैं। ऐसे मामलों में अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हाईकोर्ट के वकीलों ने भी इस घटना पर नाराज़गी जताई। उन्होंने बताया कि पिछले शुक्रवार को भी इसी तरह की सूचनाओं ने कार्यवाही को प्रभावित किया था। सोमवार सुबह करीब 11 बजे दोबारा बम की धमकी का संदेश मिला, जबकि उस दिन कई महत्वपूर्ण सुनवाई निर्धारित थीं। वकीलों ने कहा कि इस तरह की घटनाएँ न्याय प्रणाली पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं और मामलों के और अधिक लंबित होने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने प्रशासन से इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
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