छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल ने लिए बड़े फैसले: धान खरीदी से लेकर फ्लैट-विक्रय तक, जानें पूरी बातें

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य के हित में कई अहम निर्णय लेकर इस बार की मंत्रिमंडल बैठक ने दिशा-निर्देश तय कर दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में कृषक हित, सुशासन,

Written by: Admin

Published on: November 14, 2025

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य के हित में कई अहम निर्णय लेकर इस बार की मंत्रिमंडल बैठक ने दिशा-निर्देश तय कर दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में कृषक हित, सुशासन, आवास सुधार एवं खेल-संवर्धन जैसे बहुआयामी पहलुओं पर गंभीर दृष्टि रखी गई है।

1. किसानों के लिए राहत: दलहन-तिलहन उपार्जन

मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी खरीफ एवं रबी विपणन मौसम में दलहन-तिलहन फसलों के उपार्जन के लिए प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएसएस) की व्यवस्था जारी रहेगी।
यह योजना खरीफ मौसम में अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली व सोयाबीन तथा रबी मौसम में चना, सरसों, मसूर जैसे दलहन-तिलहन फसलों के लिए लागू है।
प्रदेश की मंडियों में समर्थन मूल्य पर उपार्जन की व्यवस्था रहने से बाजार में प्रतिस्पर्धा बनी रहती है और किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
यह निर्णय कृषि क्षेत्र में स्थिरता और किसानों की आय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

2. सुशासन की दिशा में विभागीय पुनर्संयोजन

मंत्रिमंडल ने छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन किया है। इसके अंतर्गत:

  • सार्वजनिक उपक्रम विभाग को अब वाणिज्य एवं उद्योग विभाग में स्थानांतरित किया गया है।
  • बीस-सूत्रीय कार्यान्वयन विभाग को अब आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में सम्मिलित किया गया है।
    यह कदम ‘‘मिनिमम गवर्मेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’’ के सिद्धांत को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से है — सरकारी तंत्र को सुदृढ़ करना, निर्बाध सेवाएं सुनिश्चित करना और व्यय-प्रबंधन को बेहतर बनाना।

3. धान खरीदी-प्रत्याभूति राशि में वृद्धि

राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने हेतु मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया है कि खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए स्वीकृत 15 हजार करोड़ रुपए की शासकीय प्रत्याभूति राशि को खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए पुनर्वेधि किया जाए। इसके अतिरिक्त विपणन संघ को 11,200 करोड़ रूपए की अतिरिक्त शासकीय प्रत्याभूति राशि भी प्रदान की जाएगी।
इससे यह सुनिश्चित होगा कि धान खरीदी प्रक्रिया में वित्तीय अड़चन कम हों और किसानों को समय पर भुगतान तथा बेहतर सुविधा मिल सके।

4. आवास योजनाओं में विक्रय-विधि में लचीलापन

राज्य द्वारा संचालित दीनदयाल आवास योजना, अटल आवास योजना, अटल विहार योजना तथा नवा रायपुर मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत नियम-शर्तों में निम्नलिखित अतिरिक्त प्रावधान शामिल किए गए हैं:

  • ईडब्ल्यूएस एवं एलआईजी वर्ग के भवन-फ्लैट्स में अगर तीन बार विज्ञापन के बावजूद अविक्रीत बने रहते हैं, तो इनसे विक्रय हेतु पात्र हितग्राही के अतिरिक्त किसी अन्य आय-वर्ग के हितग्राही को भी विक्रय किया जा सकता है। परन्तु ऐसे विक्रयित भवनों के लिए शासन द्वारा स्वीकृत अनुदान की पात्रता नहीं होगी।
  • यदि तीन विज्ञापनों के बाद अविक्रीत भवनों को एकल व्यक्ति, शासकीय/अर्धशासकीय या निजी संस्थाएं एक से अधिक भवन-प्रॉपर्टी (Bulk Purchase) के रूप में क्रय करना चाहें, तो इसे अनुमति मिलेगी; परन्तु इस प्रकार की खरीद के लिए भी राज्य अनुदान की पात्रता नहीं होगी।
    इस निर्णय से विक्रय में गति आएगी तथा अधूरे भवन-स्टॉक का सदुपयोग संभव होगा। व्यापक प्रचार-प्रसार द्वारा अधिक-से-अधिक हितग्राहियों तक जानकारी पहुँचाई जाएगी।

5. खेल-संवर्धनः नवा रायपुर क्रिकेट स्टेडियम

मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया है कि शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम नवा रायपुर, अटल नगर को दीर्घकालीन संचालन एवं विकास कार्यों के लिए छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ को अनुबंध के आधार पर लीज पर दिया जाएगा।
इससे राज्य के उदीयमान क्रिकेट खिलाड़ियों को उच्च-स्तर प्रशिक्षण, बेहतर तकनीकी सुविधाएं तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मैच आयोजनों का अवसर मिलेगा। इस प्रकार खेल-परिस्थिति और इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों को बल मिलेगा।

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