मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारी: छत्तीसगढ़ में उच्च स्तरीय बैठक संपन्न, नवाचारों और विकास मॉडल पर रहेगा फोकस

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रायपुर. आगामी ‘मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन’ में छत्तीसगढ़ की जनकल्याणकारी योजनाओं और उत्कृष्ट नवाचारों को राष्ट्रीय पटल पर सशक्त रूप से प्रस्तुत करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस सिलसिले में मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में पिछले सम्मेलन के निर्णयों की समीक्षा के साथ-साथ ‘एक्शन ट्रैकिंग एंड मॉनिटरिंग सिस्टम’ के जरिए विभिन्न कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का आकलन किया गया।

शिक्षा, स्वास्थ्य और नवाचारों पर विशेष बल

मुख्य सचिव ने बैठक में मौजूद सभी विभागीय सचिवों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और पोषण के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों का विस्तृत ब्योरा समय-सीमा के भीतर तैयार किया जाए। छत्तीसगढ़ के अभूतपूर्व प्रयासों और सकारात्मक परिणामों को सम्मेलन में प्रभावी ढंग से रेखांकित किया जाएगा।

आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘खिलौना बैंक’ की अनूठी पहल

बैठक के दौरान राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित ‘खिलौना बैंक’ पहल की सराहना की गई।

  • क्या है यह पहल? इस योजना के तहत आम नागरिक अपने बच्चों के इस्तेमाल किए हुए खिलौने आंगनबाड़ी केंद्रों में दान करते हैं।
  • उद्देश्य: इन खिलौनों का उपयोग बच्चों के मानसिक विकास और सुपोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए किया जा रहा है।
  • उपलब्धि: अब तक इस अभियान के माध्यम से 1 लाख से अधिक खिलौने एकत्रित किए जा चुके हैं।

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‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्यों पर केंद्रित रहेंगे प्रमुख सत्र

राष्ट्रीय सम्मेलन में ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को ध्यान में रखते हुए 4 मुख्य सत्र आयोजित किए जाएंगे:

  1. प्राथमिकताएं और उद्देश्य: विकसित भारत के निर्माण के लिए राज्य-विशिष्ट नीतियां।
  2. खनन क्षेत्र की भूमिका: आर्थिक संवृद्धि और राज्य के वित्तीय संसाधनों को सुदृढ़ बनाना।
  3. सुशासन और तकनीक: गवर्नेंस को पारदर्शी व प्रभावी बनाने में आधुनिक टेक्नोलॉजी का प्रयोग।
  4. इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास: सड़क व अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को तय सीमा में पूरा करने हेतु नई रणनीतियां।

इसके अलावा स्वास्थ्य एवं पोषण, गैर-कृषि कार्यों में उर्वरकों के दुरुपयोग पर रोक, प्राकृतिक गैस के उपयोग को बढ़ावा देने और अंतरराज्यीय प्रतिस्पर्धा जैसे विषयों पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया।

उच्च स्तरीय बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में राज्य प्रशासन के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा (नगरीय प्रशासन), श्रीमती शहला निगार (महिला एवं बाल विकास), रीना बाबा साहेब कंगाले (खाद्य विभाग), मुकेश कुमार (मुख्यमंत्री व लोक निर्माण), रजत कुमार (वाणिज्य एवं उद्योग), अंकित आनंद (आवास एवं पर्यावरण), बसवराजू एस. (कौशल विकास), श्रीमती शम्मी आबिदी (राजस्व), यशवंत कुमार (खेल एवं युवा कल्याण), भूवनेश यादव (आदिम जाति कल्याण), राजेश सुकुमार टोप्पो (जल संसाधन), अमित कटारिया (स्वास्थ्य), श्रीमती नेहा (गृह विभाग) तथा जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल शामिल थे। खबरें पढ़ने के लिए babapost.in पर विजिट करें।

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