रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधिमंडल इन दिनों सिंगापुर दौरे पर है। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के नामांकन के बाद सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन (SBF) द्वारा आयोजित सिंगापुर-इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ (SING) फोरम 2026 में छत्तीसगढ़ अपनी निवेश संभावनाओं और औद्योगिक अवसरों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत कर रहा है। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के उद्योग जगत से छत्तीसगढ़ में निवेश करने और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण में भागीदार बनने का आह्वान किया।
सिंगापुर प्रवास के पहले दिन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ प्रतिनिधिमंडल के साथ विश्व प्रसिद्ध गार्डन्स बाय द बे का दौरा किया। इस दौरान संस्थान के जनरल मैनेजर, मास्टर प्लानिंग जेसन येओ, डायरेक्टर लिम चियाप सॉन्ग तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में शहरी हरियाली, सतत विकास, उद्यान प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
नवा रायपुर में बॉटनिकल गार्डन के विकास पर जोर
बैठक में गार्डन्स बाय द बे की मास्टर प्लानिंग, सस्टेनेबल डिजाइन और उद्यान प्रबंधन मॉडल की जानकारी छत्तीसगढ़ प्रतिनिधिमंडल को दी गई। दोनों पक्षों के बीच उद्यानिकी, वनस्पति संरक्षण, शहरी हरित क्षेत्र, ईको-टूरिज्म और क्षमता विकास के क्षेत्र में संभावित सहयोग पर विचार-विमर्श हुआ।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों, घने वनों और समृद्ध जैव विविधता वाला राज्य है। ऐसे में सिंगापुर के गार्डन्स बाय द बे के अनुभव और विशेषज्ञता का उपयोग नवा रायपुर में प्रस्तावित बॉटनिकल गार्डन, शहरी लैंडस्केपिंग तथा प्रदेश में हरित क्षेत्रों के विस्तार के लिए किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक लैंडस्केपिंग और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन सुविधाओं के विकास से छत्तीसगढ़ की पर्यटन क्षमता को नई पहचान मिल सकती है। इससे प्रदेश में पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के लीडरशिप डिनर में शामिल हुए मुख्यमंत्री
SING फोरम 2026 की पूर्व संध्या पर सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन द्वारा आयोजित लीडरशिप डिनर में भी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले, SBF के चेयरमैन मार्क ली और सीईओ कोक पिंग सून सहित उद्योग जगत की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।
इस कार्यक्रम में सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के सदस्यों के अलावा मास्टरकार्ड, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), नेस्ले और द इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। छत्तीसगढ़ के 7 सदस्यीय और हरियाणा के 26 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने भी लीडरशिप डिनर में सहभागिता की।
यह आयोजन भारत-सिंगापुर व्यापार, निवेश और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मंच के रूप में सामने आया। इसमें भारतीय राज्यों और सिंगापुर के कारोबारी समुदाय के बीच निवेश की संभावनाओं, व्यापार विस्तार और दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग पर चर्चा हुई।
छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए उद्योग जगत को आमंत्रण
मुख्यमंत्री साय ने सिंगापुर के उद्योग प्रतिनिधियों के सामने छत्तीसगढ़ को एक तेजी से उभरते निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने राज्य की प्रगतिशील औद्योगिक नीति, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए किए जा रहे सुधारों और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में उपलब्ध निवेश अवसरों की जानकारी साझा की।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से एमएसएमई, स्टार्टअप, मैन्युफैक्चरिंग और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने सिंगापुर के निवेशकों और उद्योगपतियों से प्रदेश में निवेश करने तथा ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण की विकास यात्रा में सहभागी बनने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है और सरकार निवेशकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
5 अक्टूबर को SING फोरम 2026 में शामिल होंगे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 5 अक्टूबर 2026 को SING फोरम 2026 में सहभागिता करेंगे। इस दौरान भारत और सिंगापुर के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को नई गति देने के साथ भारतीय राज्यों में उपलब्ध निवेश अवसरों पर चर्चा होगी।
इसके बाद 6 अक्टूबर को सीईओ राउंडटेबल में मुख्यमंत्री सिंगापुर की प्रमुख कंपनियों और निवेश संस्थानों के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता, निवेश के अवसरों और राज्य के साथ दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है।
सिंगापुर दौरा छत्तीसगढ़ के लिए वैश्विक निवेशकों तक पहुंच बनाने, राज्य की औद्योगिक क्षमता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने और भारत-सिंगापुर आर्थिक सहयोग में अपनी भागीदारी मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।







