रायपुर. दीपावली के त्योहार से पहले छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ सेवानिवृत्त पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने वेतन, पेंशन और अन्य जरूरी वित्तीय दायित्वों के भुगतान के लिए नगरीय निकायों को कुल 164 करोड़ 65 लाख रुपये आवंटित किए हैं। उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन तथा विकास मंत्री अरुण साव की पहल पर नगरीय प्रशासन विभाग ने यह राशि जारी की है।
इस फैसले से लंबे समय से लंबित वेतन और पेंशन भुगतान की समस्या दूर करने में मदद मिलेगी। साथ ही मिशन क्लीन सिटी के तहत काम करने वाली स्वच्छता दीदियों के मानदेय और शहरों में जरूरी नागरिक सुविधाओं के संचालन के लिए भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है।
वेतन और पेंशन भुगतान के लिए करोड़ों रुपये जारी
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी कुल राशि में से 59 करोड़ 53 लाख रुपये नगरीय निकायों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लंबित वेतन भुगतान के लिए आवंटित किए गए हैं।
वहीं, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए 34 करोड़ 85 लाख रुपये अतिरिक्त अनुदान के रूप में उपलब्ध कराए गए हैं।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने निर्देश दिए थे कि दीपावली जैसे बड़े त्योहार के दौरान किसी भी कर्मचारी या पेंशनभोगी को अपने जायज भुगतान के लिए आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े। इसी के मद्देनजर विभाग ने विभिन्न मदों में वित्तीय सहायता जारी की है।
स्वच्छता दीदियों के मानदेय के लिए 23.51 करोड़ रुपये
राज्य सरकार ने नगरीय निकायों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली स्वच्छता दीदियों के मानदेय भुगतान का भी ध्यान रखा है।
मिशन क्लीन सिटी के अंतर्गत अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक के मानदेय भुगतान के लिए 23 करोड़ 51 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। इससे नगरीय निकायों में सफाई व्यवस्था से जुड़ी स्वच्छता दीदियों को उनके मानदेय का भुगतान सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।
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शहरों के विकास और मरम्मत कार्यों के लिए भी बजट
नगरीय प्रशासन विभाग ने केवल वेतन और पेंशन तक ही वित्तीय सहायता सीमित नहीं रखी है, बल्कि शहरों में नागरिक सुविधाओं और जरूरी विकास कार्यों को जारी रखने के लिए भी राशि उपलब्ध कराई है।
विभिन्न मदों में जारी राशि का विवरण इस प्रकार है:
59.53 करोड़ रुपये: नगरीय निकायों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लंबित वेतन के लिए।
34.85 करोड़ रुपये: सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन के लिए अतिरिक्त अनुदान।
23.51 करोड़ रुपये: मिशन क्लीन सिटी के तहत अक्टूबर-दिसंबर 2026 तक स्वच्छता दीदियों के मानदेय के लिए।
21.09 करोड़ रुपये: अक्टूबर 2026 के नियमित मासिक चुंगी मद के लिए।
22.60 करोड़ रुपये: अपार निधि के द्वितीय त्रैमासिक मरम्मत एवं संधारण मद के लिए।
3.08 करोड़ रुपये: बिलासपुर नगर निगम को नगरोत्थान योजना की दूसरी किस्त के रूप में।
बिलासपुर नगर निगम को भी मिली विकास कार्यों के लिए राशि
विभाग ने बिलासपुर नगर निगम को नगरोत्थान योजना के अंतर्गत दूसरी किस्त के रूप में 3 करोड़ 8 लाख रुपये उपलब्ध कराने का प्रावधान किया है। इस राशि से शहर में प्रस्तावित विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा अपार निधि के तहत मरम्मत और संधारण कार्यों के लिए 22 करोड़ 60 लाख रुपये दिए गए हैं। इससे नगरीय निकायों में आवश्यक रखरखाव और नागरिक सुविधाओं से संबंधित कार्यों को बिना रुकावट जारी रखने में मदद मिलेगी।
दीपावली पर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगी राहत
दीपावली से पहले 164.65 करोड़ रुपये का यह आवंटन छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे कर्मचारियों के लंबित वेतन, सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन और स्वच्छता दीदियों के मानदेय भुगतान में सहायता मिलेगी।
वहीं, नियमित वित्तीय जरूरतों और मरम्मत-संधारण के लिए बजट मिलने से शहरी क्षेत्रों में सफाई, नागरिक सुविधाओं और जरूरी सेवाओं का संचालन भी प्रभावित नहीं होगा।
राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य त्योहार के दौरान नगरीय निकायों की वित्तीय व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना और कर्मचारियों से लेकर शहरों की स्वच्छता व्यवस्था तक सभी जरूरी जिम्मेदारियों का समय पर निर्वहन सुनिश्चित करना है।

