चीन ने रेयर अर्थ के निर्यात पर दिया बड़ा संकेत, भारत समेत पूरी दुनिया को क्यों मिलेगी राहत?
नई दिल्ली. भारत समेत कई देशों की ओर से लगातार की जा रही मांगों के बीच चीन ने रेयर अर्थ तत्वों के निर्यात को लेकर अहम बयान दिया है। बीजिंग ने स्पष्ट किया है कि नागरिक उपयोग के लिए रेयर अर्थ से जुड़े निर्यात आवेदनों को नियमों के तहत मंजूरी दी जाएगी। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब आधुनिक तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक्स और हरित ऊर्जा से जुड़े उद्योगों में इन बहुमूल्य धातुओं की मांग तेजी से बढ़ रही है।
भारत के लिए क्यों है यह राहत की खबर
भारत लंबे समय से चीन से रेयर अर्थ निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने की मांग कर रहा था। रेयर अर्थ तत्व स्मार्टफोन, इलेक्ट्रिक वाहन, सोलर पैनल और सेमीकंडक्टर जैसे अत्याधुनिक उत्पादों के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। चीन के इस रुख से भारत की मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
नागरिक उपयोग को लेकर चीन की स्पष्ट शर्त
चीन के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि रेयर अर्थ का निर्यात केवल नागरिक उपयोग के लिए ही मंजूर किया जाएगा। सरकार ने यह भी दोहराया कि इन धातुओं का इस्तेमाल रक्षा उपकरणों में भी हो सकता है, इसलिए इनके निर्यात पर नियंत्रण अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है। नियमों का पालन करने वाले आवेदनों को समय पर मंजूरी देने का आश्वासन दिया गया है।
वैश्विक सप्लाई चेन को मिलेगी स्थिरता
चीन ने यह संकेत भी दिया है कि वह वैश्विक औद्योगिक और आपूर्ति श्रृंखलाओं की स्थिरता बनाए रखने के लिए अन्य देशों के साथ संवाद और सहयोग बढ़ाने को तैयार है। दुनिया में रेयर अर्थ उत्पादन और प्रसंस्करण में चीन की बड़ी हिस्सेदारी है, ऐसे में उसका यह कदम वैश्विक बाजारों में भरोसा बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
क्यों अहम हैं रेयर अर्थ तत्व
रेयर अर्थ तत्व आधुनिक दुनिया की रीढ़ माने जाते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा, ऊर्जा और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में इनके बिना उत्पादन की कल्पना मुश्किल है। चीन के इस फैसले से न सिर्फ भारत, बल्कि कई देशों को तकनीकी विकास और आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार देने में मदद मिल सकती है।
Bajaj Pulsar 220F vs TVS Apache RTR 200 4V: परफॉर्मेंस, फीचर्स और कीमत में कौन-सी बाइक है बेहतर?