ED Raids on Prateek Jain: नई दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आईटी सेल प्रमुख प्रतीक जैन के घर छापेमारी को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है। गुरुवार को हुई इस कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद प्रतीक जैन के आवास पर पहुंचीं और केंद्र सरकार व ईडी पर गंभीर आरोप लगाए।
ED की रेड पर क्यों भड़कीं ममता बनर्जी
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी की कार्रवाई को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या किसी राजनीतिक दल के आईटी प्रमुख के घर छापा मारना केंद्रीय गृह मंत्री का काम है। ममता ने इसे सीधे तौर पर राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया और कहा कि केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
टीएमसी के दस्तावेज और हार्ड डिस्क जब्त करने का आरोप
ममता बनर्जी ने दावा किया कि छापेमारी के दौरान ईडी अधिकारी टीएमसी की हार्ड डिस्क, आंतरिक दस्तावेज और संवेदनशील संगठनात्मक डेटा जब्त करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इन दस्तावेजों में आगामी विधानसभा चुनावों से जुड़े उम्मीदवारों की महत्वपूर्ण जानकारी थी, जिसे उन्होंने खुद हस्तक्षेप कर वापस लिया।
“राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित कार्रवाई”
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ईडी की यह कार्रवाई पूरी तरह से राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित और असांविधानिक है। उन्होंने यहां तक कहा कि यह गृह मंत्री का सबसे घिनौना काम है और इसका उद्देश्य टीएमसी को कमजोर करना है। ममता बनर्जी ने यह भी दावा किया कि जब्त किए जाने वाले दस्तावेज भाजपा को सौंपे जा सकते थे।
सुवेंदु अधिकारी का पलटवार
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के प्रतीक जैन के घर पहुंचने पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने इसे अनैतिक, असांविधानिक और केंद्रीय एजेंसी की जांच में सीधा हस्तक्षेप बताया। सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि ईडी को मुख्यमंत्री के इस व्यवहार पर उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
6 राज्यों में 15 ठिकानों पर ED की कार्रवाई
ईडी ने गुरुवार को एक साथ देश के 6 राज्यों में 15 ठिकानों पर छापेमारी की। इस अभियान के तहत इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) के कोलकाता कार्यालय पर भी कार्रवाई की गई। ईडी के अनुसार, यह छापेमारी सरकारी नौकरी दिलाने के फर्जी दावों से जुड़े घोटाले की जांच के तहत की गई है, जिसमें एक गिरोह पर लोगों से ठगी करने का आरोप है।