राष्ट्र को परम वैभव की ओर ले जाने का नाम हिंदुत्व है – डॉ संजीव
महासमुंद. “हिंदू एक धर्म नही एक विचार है। भारतीय ज्ञान परम्परा के अनुसार जब से सूर्य है तब से हम हैं अर्थात् हम प्राचीन है, सनातन है, श्रेष्ठ हैं, वैदिक है।राष्ट्र को परम वैभव की ओर ले जाने का नाम हिंदुत्व है।” उक्त विचार झलप में आयोजित हिंदू सम्मेलन में मुख्य अतिथि की आसंदी से डॉ संजीव कर्मकार के। उन्होंने कहा कि छुआ-छूत, जातिवाद, सम्प्रदायवाद, भाषावाद, प्रांतवाद से ऊपर उठकर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम, स्वामी विवेकानंद की तरह देश और समाज के लिए कार्य करें।
विशिष्ट अतिथि ममता शीतल मिश्रा ने पंच परिवर्तन के विषय पर विचार रखते हुए स्वदेशी, सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण एवं नागरिक कर्तव्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “ स्व का बोध ही समाज की दिशा व दशा तय करता है। भाषा, भूषा, स्वदेशी विचार के स्वदेशी वस्तुओं का आग्रह देश को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाएगा। परिवार के साथ सामूहिक भजन व भोजन और शिक्षा के साथ संस्कार देना होगा। पर्यावरण संरक्षण पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जैसे जो धर्म की रक्षा करता है धर्म भी उनकी रक्षा करता है वैसे ही जो प्रकृति की रक्षा करता है प्रकृति भी उसकी रक्षा करती है। पेड़, पानी और प्लास्टिक का उचित उपयोग पर्यावरण को नियंत्रित करेगी। नागरिक कर्तव्यों के साथ अनुशासन का पालन ही देश को महान बनता है।”
सम्मेलन के मुख्य वक्ता मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राजिम विभाग के धर्म जागरण संयोजक विपिन शर्मा ने कहा “आज का यह सम्मेलन अत्यंत विशेष है। हम सभी उस ऐतिहासिक यात्रा के साक्षी बन रहे हैं, जिसकी शुरुआत 1925 में विजयदशमी के दिन डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार ने की थी। संघ के 100 वर्ष पूरे होना केवल एक संगठन की यात्रा नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र के पुनरुत्थान, चरित्र निर्माण और अखंड भारत के संकल्प की सिद्धि का शताब्दी पर्व है।” उन्होंने कहा कि समाज की एकता ही राष्ट्र की असली शक्ति है। उन्होंने युवाओं व मातृशक्ति से से अपनी संस्कृति और संस्कारों से जुड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का प्रारंभ भारत माता की पूजा अर्चना के साथ हुआ आयोजन समिति की ओर से भूपेंद्र चंद्राकर द्वारा स्वागत भाषण की प्रस्तुति की गई कार्यक्रम का सफल संचालन खेमराज बघेल ने किया और आभार प्रदर्शन समिति के दिनेश देवांगन द्वारा किया गया। इस अवसर पर पंडवानी गायन एवं सुमधुर सुआ नृत्य की प्रस्तुति की गई।
भारत माता की आरती एवं सामूहिक संकल्प वाचन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम में भागोली राम साहू खंड संचालक, जिला बौद्धिक प्रमुख राधेश्याम सोनी, विवेक दीक्षित, खंड कारवाह चन्दन डडसेना खंड बौद्धिक प्रमुख उमेश भारती गोस्वामी, सह ओम नारायण शर्मा, देवेंद्र निर्मलकर प्रचार प्रमुख, शह हेमंत पंडा, प्रांशु चंद्राकर, पूर्व विधायक डॉ विमल चोपड़ा,
झलप से मुख्य रूप से चंद्रहास गोलू चंद्राकर, ललिता अग्रवाल, राकेश साहू, ताराचंद पटेल, सुरेश देवांगन, कुलजीत सलूजा, शम्मी सलूजा, रूपलाल पटेल, हीरा लाल साहू सिंघनपुर, प्रताप मोहंती महासमुंद, हृदय दिवान कोलपदर, रमेश देवांगन झलप, किशन अग्रवाल झलप, द्वारका पंडा झलप, परसराम पटेल कछारडीह, अजय सूर्यवंशी झलप, पोतदार सोनवानी, बली चौधरी, गोपाल साहू, संतोष पंडा, निर्भय नायक, तीजन गब्बर साहू जनपद सदस्य सिंघनपुर, संतोष चंद्राकर सरपंच रूमेकल राजा अग्रवाल, देवेंद्र राय सरपंच बरभांठा, अंकित शर्मा, शुभम शर्मा, अभिषेक यादव आदि उपस्थित रहे।
मखाना की खेती से सशक्त होंगी धमतरी की महिलाएं, आगे बढ़ेगा ग्रामीण आर्थिक मॉडल
