India-EU FTA से बदलेगा व्यापार का खेल, जानिए पूरी डिटेल
नई दिल्ली में आज भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर ऐतिहासिक दिन माना जा रहा है। India-EU शिखर सम्मेलन के दौरान इस बहुप्रतीक्षित मेगा डील की आधिकारिक घोषणा होने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डर लेयेन की मुलाकात आज सुबह 11:30 बजे हैदराबाद हाउस में होगी, जहां इस समझौते पर अंतिम मुहर लग सकती है।
FTA बातचीत पूरी, 97% से 99% सेक्टर होंगे शामिल
भारत और यूरोपीय संघ के बीच एफटीए को लेकर लंबी बातचीत अब पूरी हो चुकी है। इस समझौते के तहत 97% से 99% सेक्टर को कवर किया गया है, जो इसे अब तक के सबसे बड़े व्यापार समझौतों में शामिल करता है। कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भारत के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि घरेलू किसानों और उद्योगों पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।
“मदर ऑफ ऑल डील्स” क्यों कहा जा रहा है यह समझौता
भारत-EU FTA को “मदर ऑफ ऑल डील्स” कहा जा रहा है क्योंकि यह भारत के निर्यात, निवेश और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए नए अवसर खोलने वाला है। दोपहर 1:15 बजे भारत और यूरोपीय संघ की ओर से संयुक्त प्रेस बयान जारी किया जाएगा, जिसमें इस समझौते की प्रमुख शर्तों और भविष्य की रूपरेखा सामने आ सकती है।
लागू होने में लगेगा समय, यूरोपीय संसद की मंजूरी जरूरी
अगर 27 जनवरी को इस समझौते पर औपचारिक सहमति बन जाती है, तब भी इसे जमीन पर उतरने में समय लगेगा। किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते को कानूनी रूप से लागू करने और यूरोपीय संसद से मंजूरी मिलने में कम से कम एक साल का वक्त लगता है। उम्मीद है कि सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद यह समझौता अगले साल की शुरुआत से प्रभावी हो सकता है।
निवेश संरक्षण और GI टैग पर अलग बातचीत जारी
FTA से जुड़े कुछ अहम मुद्दों पर बातचीत अभी भी जारी है। निवेश संरक्षण और जियोग्राफिकल इंडिकेशन (GI) टैग जैसे पहलुओं पर अलग-अलग दौर की वार्ताएं चल रही हैं। भारत ने साफ किया है कि कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में वह यूरोपीय संघ को कोई अतिरिक्त छूट नहीं देगा।
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