India-Russia Relations: नई दिल्ली. रूस (Russia) के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने बुधवार यानी 21 अगस्त को कहा कि रूस से तेल और ऊर्जा संसाधनों का भारत में प्रवाह जारी है और मॉस्को को एलएनजी निर्यात की संभावनाएं दिख रही हैं।
व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक-तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (IRIGC-TEC) के 26वें सत्र की सह-अध्यक्षता करते हुए उप प्रधानमंत्री मंटुरोव ने कहा, ‘‘हम कच्चे तेल और तेल उत्पादों, तापीय और कोयले सहित ईंधन का निर्यात (Export) जारी रखे हुए हैं। हम रूसी Liquified Natural Gas के निर्यात की संभावना देखते हैं।’’ यह बयान ऐसे वक्त में सामने आया है, जब यूएस ने भारत पर रूस से तेल खरीदने को लेकर 25 फीसदी का टैरिफ लगाया है।
भारती की ओर से आयोग की सह-अध्यक्षता विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने की, वे 19 अगस्त 2025 को तीन दिनों की यात्रा पर यहां पहुंचे हैं। रूस के नेता ने कहा, ‘‘हम शांतिपूर्ण परमाणु क्षेत्र में व्यापक सहयोग का विस्तार करने की उम्मीद करते हैं, जिसमें कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र निर्माण परियोजना (Kudankulam Nuclear Power Plant Construction Project) के अनुभव के आधार पर सहयोग भी शामिल है।”
Indo-Russia Relations को आगे बढ़ाएंगे-मंटुरोव
मंटुरोव ने कहा, ‘‘विशेष रूप से वर्तमान परिस्थितियों में एक समान रूप से महत्वपूर्ण कार्य निर्बाध पारस्परिक समझौते सुनिश्चित करना है। हम रूस और भारत के बीच 90 प्रतिशत से अधिक भुगतान राष्ट्रीय मुद्राओं में स्थानांतरित करने में पहले ही सफल रहे हैं।
बैठक के बाद, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘हमने व्यापार और आर्थिक क्षेत्र, कृषि, ऊर्जा, उद्योग, कौशल विकास, गतिशीलता, शिक्षा और संस्कृति सहित व्यापक क्षेत्रों में अपने सहयोग पर विस्तृत चर्चा की।’’
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, ‘‘जैसा कि हम नेताओं के वार्षिक शिखर सम्मेलन की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें विश्वास है कि आज की IRIGC-TEC बैठक के परिणाम स्वरूप भारत-रूस साझेदारी को और आगे बढ़ाएंगे।’’ जयशंकर और मंटुरोव ने IRIGC-TEC सत्रों के प्रोटोकॉल पर भी हस्ताक्षर किए।
लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह और सांसद वेणुगोपाल में तीखी बहस