महासमुंद में औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण, सुरक्षा और श्रम नियमों पर उठे सवाल

महासमुंद. जिले में जिला प्रशासन द्वारा गठित संयुक्त टीम ने औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में श्रम, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, खनिज तथा

Written by: Admin

Published on: April 9, 2026

महासमुंद. जिले में जिला प्रशासन द्वारा गठित संयुक्त टीम ने औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में श्रम, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, खनिज तथा विधिक मापविज्ञान विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। निरीक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण अनियमितताएं सामने आईं, जिन पर संबंधित प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है।

औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण

पिकाडिली एग्रो इंडस्ट्रीज में सुरक्षा मानकों की अनदेखी

ग्राम बेलटुकरी स्थित मेसर्स पिकाडिली एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड के निरीक्षण में पाया गया कि निर्माणाधीन फैक्ट्री में सुरक्षा उपकरणों का पर्याप्त उपयोग नहीं किया जा रहा है। कर्मचारियों के लिए सेफ्टी बेल्ट और सेफ्टी नेट जैसी अनिवार्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। इस पर औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने प्रबंधन को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की है।

विधिक मापविज्ञान विभाग द्वारा तौल एवं मापन उपकरणों की जांच की गई और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। वहीं, खनिज विभाग की जांच में कोई अनियमितता सामने नहीं आई।

श्रम कानूनों के पालन में गंभीर लापरवाही

श्रम विभाग की जांच में कई अहम खामियां उजागर हुईं। फैक्ट्री में कुल 110 कर्मचारी कार्यरत पाए गए, जिनमें 35 अन्य राज्यों के कुशल श्रमिक और 75 स्थानीय श्रमिक शामिल हैं। निरीक्षण में पाया गया कि ठेकेदारों द्वारा कर्मचारियों को वेतन पर्ची नहीं दी जा रही थी और सूचना बोर्ड भी प्रदर्शित नहीं किया गया था।

इसके अलावा, ओवरटाइम से संबंधित कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया। इन सभी मामलों में प्रबंधन और ठेकेदारों को नोटिस जारी किया जा रहा है। हालांकि, आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया जाना सकारात्मक पहल के रूप में दर्ज किया गया।

बिरकोनी की इनलैंड स्पेशिलियटी मेटल्स में भी मिली अनियमितताएं

इंडस्ट्रियल एरिया बिरकोनी स्थित मेसर्स इनलैंड स्पेशिलियटी मेटल्स में भी संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया। यह इकाई भी निर्माणाधीन है और यहां उत्पादन अभी शुरू नहीं हुआ है।

जांच के दौरान पाया गया कि कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। श्रम विभाग ने यहां भी सूचना बोर्ड, सैलरी स्लिप और ओवरटाइम रिकॉर्ड से संबंधित कमियों को चिन्हित किया। प्रबंधन और ठेकेदारों को इन खामियों को लेकर नोटिस जारी किया गया है।

प्रशासन की सख्ती, सुधार के निर्देश

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा और श्रम कानूनों का पालन अनिवार्य है। निरीक्षण के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी संस्थान नियमों के अनुरूप कार्य करें। संबंधित इकाइयों को निर्धारित समय में सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।

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