महासमुंद. जिले में शासकीय कामकाज को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और गतिशील बनाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विनय कुमार लंगेह ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत, अपर कलेक्टरों और डिप्टी कलेक्टरों के बीच पूर्व में सौंपे गए प्रभारों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। नए आदेश के तहत सभी अधिकारियों को आगामी आदेश पर्यंत विभिन्न विभागों और जिला कार्यालय की शाखाओं की कमान सौंपी गई है।
प्रशासनिक फेरबदल के मुख्य बिंदु: किसे क्या मिला जिम्मा?
प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए किए गए इस कार्य विभाजन में प्रमुख अधिकारियों को उनके नए दायित्व सौंपे गए हैं:
1. मुख्य कार्यपालन अधिकारी (जिला पंचायत) – अनुपमा आनंद
जिला पंचायत के नियमित कार्यों के अलावा अनुपमा आनंद को शासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं से जुड़े विभागों का जिम्मा मिला है।
- प्रमुख विभाग: मुख्यमंत्री की घोषणाओं एवं निर्देशों का क्रियान्वयन, स्वास्थ्य, जिला आयुर्वेद, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, कृषि, पशु चिकित्सा, मत्स्य पालन, उद्यानिकी, रेशम, शिक्षा, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES), क्रेडा, मुख्यमंत्री कौशल विकास, ग्रामोद्योग और हाथकरघा विभाग।
- विशेष प्रभार: कृषि विज्ञान केंद्र, नोडल जिला सहकारी बैंक, सीएसआर (कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व), निःशक्त कल्याण एवं पुनर्वास, तथा जिले में आयोजित होने वाले समस्त प्रमुख कार्यक्रमों एवं समारोहों के लिए समन्वयक।
2. अपर कलेक्टर – सचिन भूतड़ा (सरायपाली)
सचिन भूतड़ा को अपर कलेक्टर सरायपाली का विशेष प्रभार सौंपा गया है।
- राजस्व कार्य: बसना और सरायपाली तहसीलों के राजस्व प्रकरणों की प्रथम अपील, निगरानी एवं पुनरीक्षण मामलों की सुनवाई।
- विशेष अधिकार: छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (संशोधन) अधिनियम, 2026 के प्रावधानों के तहत कलेक्टर की अधिकारिता वाले द्वितीय अपील प्रकरणों का निराकरण और नजूल पट्टों के नवीनीकरण से जुड़े अंतिम निर्णय।
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3. अपर कलेक्टर – रवि कुमार साहू (महासमुंद मुख्यालय)
श्री साहू को महासमुंद, बागबाहरा, कोमाखान और पिथौरा तहसीलों से जुड़े राजस्व मामलों की कमान सौंपी गई है।
- राजस्व एवं अपील: संबंधित तहसीलों की प्रथम एवं द्वितीय अपील, निगरानी और पुनरीक्षण प्रकरण।
- प्रमुख विभाग एवं शाखाएं: जिला शहरी विकास अभिकरण (DUDA), भू-अर्जन एवं भू-आवंटन, खाद्य सुरक्षा अधिनियम, औषधि प्रशासन, भू-अभिलेख शाखा, जिला खनिज न्यास (DMF), जल जीवन मिशन, चिटफंड, लाइसेंस शाखा, तथा खाद्य, आदिवासी विकास, आबकारी, परिवहन और नगरीय निकाय विभाग। इसके साथ ही उन्हें जेल निरीक्षण का दायित्व भी दिया गया है।
4. अपर कलेक्टर – जगन्नाथ वर्मा
श्री वर्मा को जिले की चुनावी व्यवस्था और महत्वपूर्ण प्रशासनिक शाखाओं की जिम्मेदारी दी गई है।
- प्रमुख दायित्व: उप जिला निर्वाचन अधिकारी (सामान्य एवं स्थानीय निर्वाचन), सामान्य एवं वित्त स्थापना, नाजरात, संसद एवं विधानसभा प्रश्नोत्तर प्रकोष्ठ, जिला विभागीय जांच, और सूचना का अधिकार (RTI) के अंतर्गत अपीलीय अधिकारी।
- अन्य प्रभार: भूमि विक्रय अनुमति की जांच, भू-अर्जन प्रकरणों का परीक्षण, नोडल अधिकारी सीएम हेल्पलाइन, जिला विवाह अधिकारी, तथा कोषालय एवं जिला योजना व सांख्यिकी विभाग। इसके अलावा तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पेंशन, भविष्य निधि, और कार्यालयीन प्रशासनिक स्वीकृतियों के अधिकार भी सौंपे गए हैं।
5. डिप्टी कलेक्टर – अक्षा गुप्ता
- प्रमुख शाखाएं: राजस्व लेखा एवं राहत शाखा, अभियोजन, आरटीआई प्रकोष्ठ (जनसूचना अधिकारी), अल्प बचत, लोक आयोग एवं मानवाधिकार आयोग जैसे संवैधानिक आयोगों से संबंधित शाखाएं, तथा परीक्षा शाखा।
- अन्य दायित्व: मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की सहायक नोडल अधिकारी, जिला हेल्पलाइन अधिकारी, तथा श्रम एवं खेल विभाग का प्रभार।
6. डिप्टी कलेक्टर – मधु तेता
- प्रमुख शाखाएं: वरिष्ठ लिपिक शाखा-01 व 02, आवास आवंटन, पुरातत्व, विकास और बीस सूत्रीय कार्यक्रम शाखा।
- अन्य दायित्व: कार्यालयीन डाक मार्किंग, कलेक्टर न्यायालय के वाचक, प्रतिलिपि शाखा, अभिलेखागार, जिला पंजीयक और उच्च शिक्षा विभाग का प्रभार।
7. डिप्टी कलेक्टर – सारिका मित्तल
- प्रमुख दायित्व: शिकायत एवं जन शिकायत निवारण प्रकोष्ठ, मुख्यमंत्री घोषणाएं, जिला जनगणना अधिकारी, ई-प्रशासन (सॉफ्टवेयर क्रियान्वयन, ई-डिस्ट्रिक्ट एवं लोक सेवा केंद्र)।
- सांस्कृतिक एवं अन्य प्रभार: देवस्थानम, सार्वजनिक ट्रस्ट मॉनिटरिंग, वक्फ संपत्ति, धर्मस्व एवं पुनर्वास, आईगॉट कर्मयोगी, लोक सेवा गारंटी, और खनिज विभाग की प्रभारी अधिकारी।
सुशासन और गतिशीलता पर जोर
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा जारी इस नए आदेश से उम्मीद जताई जा रही है कि जिले के विकास कार्यों और आम जनता की शिकायतों के त्वरित निराकरण में और अधिक तेजी आएगी। सभी अधिकारियों को अपने प्रभार के अंतर्गत विभागीय कार्यों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, अधिकारियों की अनुपस्थिति में प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए लिंक अधिकारियों की व्यवस्था भी तय की गई है। खबरें पढ़ने के लिए विजिट करें babapost.in पर।

