महासमुंद. दीपावली के त्योहार पर मिठाइयों, दूध से बने उत्पादों और अन्य खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग के बीच महासमुंद जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर जिलेभर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच और नमूने एकत्र करने की कार्रवाई लगातार जारी है। जनवरी से सितंबर 2026 तक संकलित खाद्य नमूनों की जांच में मिथ्याछाप, अवमानक और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के मामले सामने आए हैं। वहीं, खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में अब तक 16.90 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है।
जनवरी से सितंबर तक 216 खाद्य नमूने संकलित
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अनुसार, अभिहित अधिकारी उमेश कुमार के मार्गदर्शन में जनवरी से सितंबर 2026 के बीच कुल 216 खाद्य नमूने एकत्र किए गए। इनमें 78 विधिक नमूने और 138 सर्विलेंस नमूने शामिल हैं। इन नमूनों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया।
प्राप्त प्रयोगशाला रिपोर्टों में 5 नमूने मिथ्याछाप, 2 नमूने अवमानक और 4 नमूने असुरक्षित पाए गए हैं। इसके अलावा 13 नमूनों की जांच रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। विभाग द्वारा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से संबंधित मामलों में कुल 11 प्रकरण भी दायर किए गए हैं।
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खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर 16.90 लाख रुपये का जुर्माना
जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से जुड़े मामलों में कार्रवाई करते हुए सक्षम प्राधिकारी ने कुल 16 लाख 90 हजार 100 रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया है। खाद्य सुरक्षा विभाग का उद्देश्य बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं को असुरक्षित खाद्य सामग्री से बचाना है।
दीपावली जैसे बड़े त्योहार के दौरान मिठाइयों, दुग्ध उत्पादों और अन्य खाद्य वस्तुओं की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य पदार्थों में मिलावट, गलत लेबलिंग और गुणवत्ता संबंधी अनियमितताओं की रोकथाम के लिए जांच अभियान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अक्टूबर में अब तक 26 खाद्य नमूने लिए गए
दीपावली को ध्यान में रखते हुए अक्टूबर 2026 में भी खाद्य पदार्थों की सघन जांच जारी है। विभाग की ओर से अब तक कुल 26 खाद्य नमूने संकलित किए गए हैं। इनमें 13 विधिक और 13 सर्विलेंस नमूने शामिल हैं।
जांच के लिए लिए गए नमूनों में पनीर, दही, मिठाइयां, दुग्ध उत्पाद, खाद्य तेल और अन्य खाद्य पदार्थ शामिल हैं। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित मामलों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा उसके अंतर्गत लागू नियमों और विनियमों के अनुसार नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जिले के खाद्य कारोबारियों को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने, खाद्य सामग्री का उचित भंडारण करने, गुणवत्तापूर्ण कच्चे माल का उपयोग करने और निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जांच और नमूना संकलन की प्रक्रिया जारी रहेगी। जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
दीपावली पर मिठाई खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
त्योहारी सीजन में उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थ खरीदते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे मिठाइयां और अन्य खाद्य सामग्री विश्वसनीय दुकानों से ही खरीदें। पैकेटबंद खाद्य उत्पाद लेते समय लेबल पर दी गई आवश्यक जानकारी, जैसे निर्माण और समाप्ति तिथि, सामग्री संबंधी विवरण तथा अन्य जरूरी घोषणाओं की जांच करें।
इसके साथ ही खाद्य पदार्थों की स्वच्छता, उचित पैकेजिंग और भंडारण की स्थिति पर भी ध्यान देना चाहिए। किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर उपभोक्ता संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को इसकी जानकारी दे सकते हैं।
दीपावली के मद्देनजर महासमुंद जिले में चल रहा यह अभियान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी रखने और लोगों तक सुरक्षित खाद्य सामग्री पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। खबरें पढ़ने के लिए babapost.in पर विजिट करें।

