महासमुंद: महिला आयोग की जनसुनवाई में 7 प्रकरणों में से तीन नस्तीबद्ध

महासमुंद. छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आज जिला पंचायत सभाकक्ष में महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की जनसुनवाई संपन्न हुई। यह आयोग की प्रदेश स्तर पर 319वीं एवं

Written by: Admin

Published on: June 5, 2025

महासमुंद. छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आज जिला पंचायत सभाकक्ष में महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की जनसुनवाई संपन्न हुई। यह आयोग की प्रदेश स्तर पर 319वीं एवं महासमुंद जिले में 10वीं जनसुनवाई थी। इस दौरान कुल 07 प्रकरणों पर सुनवाई की गई। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास श्री समीर पांडेय सहित संबंधित विभाग के अधिकारी एवं आवेदकगण मौजूद थे।

प्रकरण एक में महिला ने पुलिस विभाग में कार्यरत आरक्षक (नं. 932) पर विवाह का झांसा देकर शोषण करने का आरोप लगाया। आरोपी विवाहित है और दो बच्चों का पिता भी है। पहले एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही थी, लेकिन आयोग की पहल के बाद थाना कोतवाली महासमुंद में एफआईआर दर्ज हुई। आरोपी उच्च न्यायालय से जमानत पर है और वर्तमान में तीन माह के लिए निलंबित होकर लाईन अटैच है। मामला महासमुंद जिला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण आयोग ने प्रकरण नस्तीबद्ध किया।

 प्रकरण 2 में एक शिक्षक, जो 45,000 रुपये मासिक वेतन प्राप्त करता है, के साथ आवेदिका का पारिवारिक विवाद वेतन अटकने के कारण हुआ था। अब दोनों पक्षों के बीच आपसी सुलह हो चुकी है और वे दो बच्चों के साथ एक साथ रह रहे हैं। आवेदिका द्वारा प्रकरण समाप्त करने की इच्छा जताने पर आयोग ने इसे नस्तीबद्ध किया।

प्रकरण 03 में दोनों पक्षों की यह दूसरी शादी है और वे पिछले पांच माह से अलग रह रहे हैं। पूर्व विवाह से दोनों को संतानें हैं। अब तक तीन बार काउंसलिंग हो चुकी है और अगली काउंसलिंग 6 अगस्त 2025 को रायपुर महिला आयोग में प्रस्तावित है। इसलिए आयोग ने इस प्रकरण को अगली सुनवाई हेतु लंबित रखा है।

एक अन्य मामले में संरक्षण अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो गया है और वे साथ रह रहे हैं। दोनों ने प्रकरण समाप्त करने की सहमति दी, जिस पर आयोग ने इसे भी नस्तीबद्ध किया। जनसुनवाई में डॉ. किरणमयी नायक ने सभी मामलों की संवेदनशीलता से समीक्षा की और निर्देशित किया कि महिलाओं को न्याय दिलाने में कोई कोताही न हो। आयोग द्वारा ऐसे आयोजनों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने एवं उन्हें न्याय दिलाने के प्रयास लगातार जारी हैं।

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