महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने एक संगठित ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। यह कार्रवाई सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा की गई, जिसमें ऑनलाइन सट्टा चलाने वाले गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि यह गिरोह आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर अवैध रूप से सट्टेबाजी का संचालन कर रहा था। आरोपी WhatsApp ग्रुप “Power X” के माध्यम से लोगों को जोड़कर सट्टा खिलाते थे और डिजिटल भुगतान ऐप्स के जरिए पैसे का लेनदेन करते थे। यह मामला न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि डिजिटल अपराध के बढ़ते खतरे को भी उजागर करता है।

कैसे मिला पुलिस को सुराग
पूरे मामले की शुरुआत एक सूचना से हुई, जिसमें बताया गया कि महासमुंद के घोड़ारी स्थित एक ढाबे में कुछ लोग ऑनलाइन सट्टा गतिविधियों में शामिल हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संदिग्ध व्यक्ति दीपेश गोस्वामी को हिरासत में लिया। पूछताछ और मोबाइल जांच के दौरान कई अहम खुलासे हुए।
जांच के दौरान पुलिस को दीपेश के मोबाइल में PhonePe के जरिए हुए कई संदिग्ध ट्रांजैक्शन मिले। इन ट्रांजैक्शन में अन्य आरोपियों के नाम सामने आए, जिससे पूरे नेटवर्क की कड़ियां जुड़ती चली गईं। यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी ऑनलाइन सट्टा से प्राप्त राशि डिजिटल माध्यम से एक-दूसरे को ट्रांसफर कर रहे थे।
WhatsApp ग्रुप “Power X” का नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि “Power X” नामक WhatsApp ग्रुप इस पूरे सट्टा नेटवर्क का केंद्र था। इस ग्रुप को वर्चुअल नंबर के माध्यम से संचालित किया जा रहा था ताकि पहचान छुपाई जा सके। मनीष शर्मा इस ग्रुप का मुख्य एडमिन था, जो अन्य सदस्यों को लिंक उपलब्ध कराता था।
ग्रुप में सट्टेबाजी से संबंधित जानकारी, लिंक, और लेनदेन की बातचीत की जाती थी। सदस्य इस ग्रुप के माध्यम से सट्टा खेलते और खिलाते थे। आरोपी अपने नेटवर्क का विस्तार करने के लिए नए लोगों को भी जोड़ते थे, जिससे यह अवैध गतिविधि तेजी से फैल रही थी।
आरोपियों की भूमिका और नेटवर्क की संरचना
जांच में पाया गया कि मनीष शर्मा सट्टा लिंक तैयार कर अन्य आरोपियों को देता था, जो आगे इसे लोगों तक पहुंचाते थे। दीपेश गोस्वामी सहित अन्य आरोपी इस नेटवर्क में डिस्ट्रीब्यूटर और ऑपरेटर की भूमिका निभा रहे थे।
यह गिरोह संगठित तरीके से काम कर रहा था, जिसमें हर सदस्य की अलग भूमिका थी। कोई लिंक साझा करता था, कोई पैसे इकट्ठा करता था और कोई नए लोगों को जोड़ने का काम करता था। इस प्रकार यह पूरा नेटवर्क एक सुनियोजित सिस्टम की तरह काम कर रहा था।
पुलिस की कार्रवाई और जब्ती
पुलिस ने सभी आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं, जिनमें iPhone, Vivo और Oppo जैसे स्मार्टफोन शामिल हैं। इन डिवाइस में मौजूद डेटा, चैट और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 6 और 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच में और भी खुलासे हो सकते हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में
1.दीपेश गोस्वामी उर्फ सुमन पिता अशोक गिरी गोस्वामी उम्र 32 साल वार्ड नं 26 क्लबपारा महासमुंद थाना व जिला महासमुंद।
02. मनीष शर्मा उर्फ राजा उर्फ मूसा पिता स्व0 सुरेश शर्मा उम्र 38 साल साकिन वार्ड नं 42 शिव मंदिर के पास अश्विनी नगर थाना पुरानी बस्ती रायपुर जिला रायपुर।
03. हितेश उर्फ मोनू साहू पिता रमेशचंद साहू उम्र 43 साल साकिन न्यू शांति नगर रायपुर थाना सिविल लाईन रायपुर जिला रायपुर, स्थाई पता मेघबंसत कालोनी महासमुद थाना व जिला महासमुंद छ0ग0।
04. हितेश उर्फ पिंकू साहू पिता शंकर लाल साहू उम्र 32 साल साकिन स्टेशन रोड लोधीपारा थाना गंज रायपुर जिला रायपुर छग।
05. नवनीत देवांगन उर्फ बाबा पिता दानीराम देवांगन उम्र 40 साल साकिन वार्ड नं0 42 अश्विनी नगर रायपुर थाना पुरानी बस्ती जिला रायपुर छग।
06. उज्ज्वल देवांगन उर्फ राजा पिता स्व0 रामेश्वर देवागंन उम्र 26 साल साकिन वुड आईलैण्ड कालोनी अमलेश्वर थाना अमलेश्वर जिला दुर्ग छग।
डिजिटल युग में बढ़ता ऑनलाइन जुआ
आज के समय में इंटरनेट और स्मार्टफोन की आसान उपलब्धता ने ऑनलाइन सट्टेबाजी को बढ़ावा दिया है। अपराधी अब पारंपरिक तरीकों के बजाय डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे उन्हें पकड़ना कठिन हो जाता है। वर्चुअल नंबर, एन्क्रिप्टेड चैट और डिजिटल वॉलेट जैसे साधनों ने इन गतिविधियों को और जटिल बना दिया है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की ऑनलाइन सट्टा या जुआ गतिविधियों में शामिल न हों। यदि ऐसी कोई गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें। इसके लिए “संवाद” हेल्प डेस्क व्हाट्सएप नंबर 9479229939 जारी किया गया है, जहां लोग गुप्त रूप से जानकारी साझा कर सकते हैं।
समाज पर प्रभाव और जागरूकता की जरूरत
ऑनलाइन सट्टेबाजी केवल एक अवैध गतिविधि नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक रूप से भी नुकसानदायक है। इससे लोगों की आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है और परिवारों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। युवाओं को विशेष रूप से जागरूक करने की आवश्यकता है ताकि वे इस तरह के जाल में न फंसें।
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