महासमुंद में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी तेज, किसानों को मिल रही पारदर्शी और सुचारू सुविधा
महासमुंद जिले में राज्य सरकार की पहल के तहत किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी लगातार जारी है। ग्राम झालखम्हरिया सेवा सहकारी समिति में सुव्यवस्थित व्यवस्था के चलते किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। यहां ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की टोकन प्रणाली प्रभावी रूप से लागू की गई है, जिससे धान विक्रय के दौरान भीड़ या अव्यवस्था की स्थिति नहीं बन रही है। किसान शांतिपूर्ण माहौल में संतोष के साथ अपना धान विक्रय कर रहे हैं।
टोकन प्रणाली से बढ़ी पारदर्शिता और गति
सेवा सहकारी समिति में टोकन आधारित व्यवस्था के कारण धान खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित बनी हुई है। समिति प्रबंधक भोज राम साहू के अनुसार एक ही दिन में 24 किसानों के टोकन काटे गए, जिनके माध्यम से 1090 क्विंटल धान की खरीदी की गई। अब तक समिति द्वारा कुल 27,482 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक उपार्जन किया जा चुका है, जो व्यवस्था की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
आधे से अधिक किसानों ने किया धान विक्रय
वर्तमान स्थिति में समिति से जुड़े लगभग 50 प्रतिशत किसान अपना धान विक्रय कर चुके हैं। कुल 1077 पंजीकृत किसानों में से 535 किसान समर्थन मूल्य का लाभ ले चुके हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि किसान बड़ी संख्या में शासन की इस योजना पर भरोसा जता रहे हैं और समय पर उपज बेच पा रहे हैं।
धान उठाव और भंडारण की व्यवस्था भी मजबूत
धान खरीदी के साथ-साथ उठाव और भंडारण की व्यवस्था भी सुचारू रूप से संचालित हो रही है। अब तक लगभग 50 प्रतिशत धान का उठाव पूरा किया जा चुका है। परिवहन या भंडारण से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या सामने नहीं आई है, जिससे समिति की कार्यप्रणाली पर किसानों का विश्वास और मजबूत हुआ है।
युवा किसान ने साझा किया अनुभव
धान विक्रय के लिए पहुंचे युवा किसान देव कुमार साहू ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन टोकन के माध्यम से बिना किसी परेशानी के 105 कट्टा, यानी लगभग 42 क्विंटल धान विक्रय हेतु लाया। करीब 2 एकड़ कृषि भूमि वाले इस किसान के अनुसार समिति में पर्याप्त संख्या में हमाल उपलब्ध हैं, जिससे तौल और उठाव की प्रक्रिया में समय की बचत होती है और कार्य तेजी से पूरा होता है।
त्वरित भुगतान से किसानों में संतोष
समिति प्रबंधन द्वारा धान विक्रय के तुरंत बाद किसानों के बैंक खातों में राशि का अंतरण किया जा रहा है। समय पर भुगतान मिलने से किसानों में खुशी और संतोष का माहौल है। शासन के निर्देशानुसार पारदर्शी और सुव्यवस्थित प्रक्रिया अपनाकर धान खरीदी को सफल बनाया जा रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक मजबूती मिल रही है।