रायपुर. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान दिलाने के लिए स्वीकृत राशि में कथित हेराफेरी का मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के नौ हितग्राहियों से कुल 5 लाख 9 हजार रुपये लेने और आवास निर्माण नहीं कराने की शिकायत पर दो ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले को लेकर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि गरीबों के हक की राशि का दुरुपयोग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल मकान बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन देने की महत्वपूर्ण पहल है। योजना के तहत स्वीकृत राशि का सही उपयोग सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। यदि कोई व्यक्ति आवास निर्माण के नाम पर हितग्राहियों से पैसे लेकर काम नहीं करता है या उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचाता है, तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कबीरधाम में PM जनमन आवास योजना के नाम पर कथित धोखाधड़ी
कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत मकान निर्माण कराने के नाम पर हितग्राहियों से पैसे लेने के बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं करने की शिकायतें सामने आई हैं। इन शिकायतों के आधार पर दो अलग-अलग मामलों में पुलिस ने कार्रवाई की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत राजाढ़ार और ग्राम पंचायत आमानारा के कुल नौ हितग्राहियों से आवास निर्माण के नाम पर 5.09 लाख रुपये लेने का आरोप है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि राशि दिए जाने के बाद भी उनके मकान नहीं बनाए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज की गई है।
राजाढ़ार में पांच हितग्राहियों से 3.20 लाख रुपये लेने का आरोप
बोड़ला विकासखंड की ग्राम पंचायत राजाढ़ार में पांच हितग्राहियों ने ठेकेदार कुमार मेरावी पर आवास निर्माण के नाम पर पैसे लेने और निर्धारित कार्य नहीं करने का आरोप लगाया है। शिकायत के मुताबिक, इन हितग्राहियों से कुल 3 लाख 20 हजार रुपये लिए गए थे।
हितग्राहियों की ओर से बताई गई राशि का विवरण इस प्रकार है:
- देवसिंह से 60 हजार रुपये।
- मंधोर बाई से 60 हजार रुपये।
- पुसीया बाई से 60 हजार रुपये।
- कौशिल्या बाई से 80 हजार रुपये।
- ननकी बाई से 60 हजार रुपये।
शिकायत के अनुसार, पैसे देने के करीब डेढ़ साल बाद भी आवास निर्माण शुरू नहीं हुआ और न ही संबंधित हितग्राहियों को उनकी रकम वापस मिली। इसके बाद लिखित शिकायत के आधार पर 14 अक्टूबर को थाना चिल्फी में ठेकेदार कुमार मेरावी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 318(4) के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
आमानारा में भी चार हितग्राही कथित धोखाधड़ी के शिकार
इसी तरह ग्राम पंचायत आमानारा में भी प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के चार हितग्राहियों से मकान बनवाने के नाम पर पैसे लेने की शिकायत दर्ज कराई गई है। इस मामले में ठेकेदार तुमेश गोड़ के खिलाफ 13 अक्टूबर को थाना तरेगांव जंगल में एफआईआर दर्ज की गई।
शिकायत के अनुसार, हितग्राहियों से ली गई राशि का विवरण इस प्रकार है:
- बैसाखू बैगा से 64 हजार रुपये।
- सुकोर बाई से 60 हजार रुपये।
- सोनिया बाई से 45 हजार रुपये।
- रनो बाई से 20 हजार रुपये।
इन चारों हितग्राहियों से कुल 1 लाख 89 हजार रुपये लेने की शिकायत सामने आई है। मामले में पुलिस ने अपराध दर्ज कर कार्रवाई शुरू की है।
विजय शर्मा की दो टूक: गरीबों के पैसे में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं
छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराकर उनके जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थिरता लाना है। खासतौर पर दूरस्थ वनांचलों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों को आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आवास निर्माण के लिए स्वीकृत राशि पर संबंधित हितग्राहियों का अधिकार है। इस पैसे का दुरुपयोग करना या मकान बनवाने के नाम पर गरीबों को परेशान करना गंभीर मामला है। ऐसे मामलों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र परिवार को समय पर पक्का मकान मिले। इसके लिए योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।
PM आवास योजना में पारदर्शिता पर सरकार का जोर
कबीरधाम में सामने आए इन मामलों ने प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत निर्माण कार्यों की निगरानी और हितग्राहियों की शिकायतों के समयबद्ध निराकरण के महत्व को फिर से सामने ला दिया है। योजना का लाभ वास्तविक पात्र परिवारों तक पहुंचे और स्वीकृत राशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए हो, इसके लिए प्रभावी निगरानी जरूरी है।
सरकार की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि गरीबों के आवास निर्माण में लापरवाही, आर्थिक अनियमितता या हितग्राहियों के साथ कथित धोखाधड़ी के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। फिलहाल, कबीरधाम जिले में दोनों ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में आरोपों की पुष्टि और आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच के आधार पर होगी। खबरें पढ़ने के लिए babapost.in पर विजिट करें।

