नई दिल्ली. इंडिगो एयरलाइंस में लगातार बढ़ रहे तकनीकी मुद्दों और फ्लाइट देरी की स्थिति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी नियम या प्रक्रिया का उद्देश्य आम नागरिकों को सुविधा देना होना चाहिए, न कि उन्हें अनावश्यक परेशानियों में डालना। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को एनडीए सांसदों की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी की जानकारी दी।
इंडिगो की कई उड़ानों में बीते दिनों लगातार तकनीकी खामियों, लंबे इंतजार और रद्द होने की घटनाओं ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। देश के कई एयरपोर्ट पर यात्रियों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा, जिसके बाद यह मामला राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया।
किरेन रिजिजू के अनुसार, बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि नियम-कानून ऐसे होने चाहिए जो प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाएं और लोगों के दैनिक जीवन को सरल बनाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी नीति का सीधा प्रभाव आम जनता पर पड़ता है, इसलिए उसमें संवेदनशीलता और समझ दोनों बेहद आवश्यक हैं।
रिजिजू के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने इंडिगो से जुड़े मौजूदा संकट (IndiGo Crisis) का उल्लेख करते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि यात्रियों की असुविधा को कम करना सरकार की प्राथमिकता है और ऐसे मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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