धान उपार्जन केंद्र सिंगबहाल में घोटाला, 4 आरोपियों पर एफआईआर दर्ज

महासमुंद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य लगातार जारी है। इसी बीच धान खरीदी और परिवहन में अनियमितता करने वालों के खिलाफ प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर जिले में अवैध धान परिवहन और हेराफेरी के मामलों में प्रभावी कदम उठाए गए हैं, जिसके तहत अब तक सर्वाधिक धान जब्ती के प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

धान परिवहन में गड़बड़ी पर संयुक्त जांच

खाद्य अधिकारी अजय यादव ने जानकारी दी कि 20 दिसंबर की शाम लगभग 6 बजे सरायपाली विकासखंड अंतर्गत धान उपार्जन केंद्र सिंगबहाल में धान परिवहन में हेराफेरी की सूचना प्राप्त हुई। सूचना के आधार पर खाद्य निरीक्षक अविनाश दुबे और तहसीलदार श्रीधर पंडा मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान केंद्र प्रभारी बुद्धिवंत प्रधान से डीओ, डीएम, राइस मिलर गेट पास और तौल पत्रक प्रस्तुत करने को कहा गया। प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच में गंभीर विसंगतियां सामने आईं।

दस्तावेजों और भौतिक सत्यापन में सामने आई गड़बड़ी

जांच में पाया गया कि डीओ के अनुसार श्री भोलेनाथ इंडस्ट्रीज छुईपाली के लिए 350 क्विंटल धान जारी किया गया था, जबकि डीएम में कुल 875 बोरा धान का उल्लेख था। इसके विपरीत ट्रक क्रमांक सीजी 06 एचबी 4361 में 500 बोरी धान लोड पाया गया। यह अंतर स्पष्ट रूप से धान परिवहन में हेराफेरी को दर्शाता है।

चार व्यक्तियों की संलिप्तता, शासन को नुकसान की मंशा

संयुक्त जांच दल द्वारा रजिस्टर, संबंधित दस्तावेज और सीसीटीवी फुटेज की जांच के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि बुद्धिवंत प्रधान, हेमंत साहू और गिरिजाशंकर भोई द्वारा जानबूझकर तय डीएम मात्रा से कम धान ट्रक में लोड किया गया। इस कृत्य में श्री भोलेनाथ इंडस्ट्रीज छुईपाली के संचालक आशीष अग्रवाल की सक्रिय भूमिका भी सामने आई है। यह पूरा कृत्य शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की मंशा से किया गया पाया गया।

दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज

तहसीलदार सरायपाली, खाद्य निरीक्षक और पर्यवेक्षक शाखा द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के आधार पर धान उपार्जन केंद्र सिंगबहाल से जुड़े इस मामले में चारों दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी और परिवहन में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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