Shani Dev Margi 2025: शनि देव के मार्गी होने से बनेगा धन राजयोग, इन 3 राशियों की किस्मत खुलेगी

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Shani Dev Margi 2025: शनि देव को कर्म, आयु, न्याय, श्रम, रोग, पीड़ा, कर्मचारी, खनिज, तेल और सेवा कार्यों का कारक ग्रह माना गया है। शनि की चाल जीवन में गहरा असर डालती है। शनि देव कभी वक्री होकर बाधाएं पैदा करते हैं, तो कभी मार्गी होकर जीवन में सुखद बदलाव लाते हैं।

इस वर्ष के अंत (29 नवंबर 2025) में शनि देव की चाल मार्गी हो रही है। मार्गी होने पर यह स्थिति कई राशियों के लिए धन लाभ, करियर ग्रोथ और राजयोग का निर्माण करेगी। विशेष कर तीन राशियों के जातकों के लिए यह समय अत्यंत शुभ रहने वाला है। आइए जानते हैं ये तीन राशियां कौन-कौन सी हैं…

वृषभ राशि                 

वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि देव की यह स्थिति शुभ रहने वाली है। शनि देव आपकी राशि से ग्यारहवें स्थान यानी लाभ भाव में मार्गी होंगे, जो आमदनी, लाभ और इच्छाओं की पूर्ति का स्थान माना जाता है। साथ ही वे दशम भाव के स्वामी भी हैं, जिससे कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां और सफलता मिलने की संभावना है। इस अवधि में आमदनी बढ़ सकती है, नए स्रोतों से धन लाभ हो सकता है और कारोबार में लाभकारी साझेदारियां बन सकती हैं। कला, साहित्य या रचनात्मक क्षेत्रों में काम करने वालों को विशेष सफलता मिल सकती है। आत्मविश्वास व नेतृत्व क्षमता में बढ़ोतरी होगी।

तुला राशि 

तुला राशि के लिए शनि देव छठे भाव में मार्गी हो रहे हैं, जो बीमारी, कर्ज और शत्रुओं से संबंधित होता है। यह समय कानूनी मामलों और गुप्त शत्रुओं पर विजय दिला सकता है। नौकरीपेशा लोगों को विदेश यात्रा या विदेशी कंपनियों से जुड़े काम का अवसर मिल सकता है। व्यापार विस्तार के लिए भी यह समय अनुकूल रहेगा। शनि पंचम और चतुर्थ भाव के भी स्वामी हैं, इसलिए इस दौरान आप वाहन या प्रॉपर्टी की खरीद कर सकते हैं। साथ ही संतान से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिलने की संभावना भी रहेगी। भौतिक सुविधाओं में भी बढ़ोतरी होगी।

धनु राशि

धनु राशि में शनि देव चतुर्थ भाव में मार्गी होंगे, जो घर, माता, स्थायी संपत्ति और मानसिक शांति से जुड़ा है। पुराने निवेशों से लाभ प्राप्त हो सकता है और नई परियोजनाओं में कामयाबी मिलने के योग हैं। सहकर्मियों का सहयोग और वरिष्ठों से प्रशंसा प्राप्त होगी। शनि आपकी राशि से द्वितीय और तृतीय भाव के स्वामी भी हैं, जिससे बोलचाल में प्रभाव बढ़ेगा, आत्मबल बढ़ेगा और साहस में वृद्धि होगी। धन लाभ के भी योग बन सकते हैं।

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