6 राज्यों में SIR की समय सीमा बढ़ी, लेकिन पश्चिम बंगाल को नहीं मिला विस्तार—ECI का महत्वपूर्ण निर्देश जारी

नई दिल्ली. चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश समेत देश के 6 राज्यों में विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) की समय सीमा बढ़ाने का फैसला लिया है। हालांकि, पश्चिम बंगाल के लिए किसी तरह का विस्तार नहीं

Written by: Admin

Published on: December 11, 2025

नई दिल्ली. चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश समेत देश के 6 राज्यों में विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) की समय सीमा बढ़ाने का फैसला लिया है। हालांकि, पश्चिम बंगाल के लिए किसी तरह का विस्तार नहीं दिया गया है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण है।

चुनाव आयोग ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देशित किया है कि मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित करने से पहले प्रत्येक बूथ पर पाए गए मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित और डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ साझा की जाए। इससे मतदाता सूची की गुणवत्ता में सुधार होगा और भविष्य में किसी भी प्रकार की त्रुटि को कम किया जा सकेगा।

इसके साथ ही आयोग ने बिहार मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा है कि अन्य सभी राज्यों को भी संदिग्ध मतदाताओं की सूची मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर अपलोड करनी चाहिए। आयोग का मानना है कि इस प्रक्रिया से पारदर्शिता बढ़ेगी और मतदाता सूची में सुधार तेजी से किया जा सकेगा।

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इससे पहले उत्तर प्रदेश द्वारा SIR के दौरान गणना फार्म जमा करने की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया गया था। आयोग ने इस मांग पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए अवधि को एक सप्ताह के लिए बढ़ाने के संकेत दिए थे और अब इसे आधिकारिक रूप से बढ़ा दिया गया है।

वहीं, पश्चिम बंगाल के लिए आयोग ने समय सीमा नहीं बढ़ाई लेकिन राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को हाई-राइज इमारतों और आवासीय सोसाइटियों में रहने वाले मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नए मतदान केंद्र बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि किसी भी मतदान केंद्र पर 1200 से अधिक मतदाताओं का भार न हो। राज्य को 31 दिसंबर तक नए मतदान केंद्रों की सूची आयोग को उपलब्ध करानी होगी।

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