‘भारत माता की जय’ प्रत्येक व्यक्ति की जुबान पर हो, यही संघ का उद्देश्य – पवन साय
महासमुंद. संघ की शाखा में आने का उद्देश्य भारत के वैभव को स्थापित करना है, शताब्दी वर्ष के इस कार्यक्रम के उपरान्त देश में आमूलचूल परिवर्तन निश्चित है, इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले गणवेशधारी भाग्यशाली हैं, क्योंकि इसमें शामिल होकर देश की जय-जयकार करने का परम सौभाग्य प्राप्त हो रहा है।
उपरोक्त विचार भारतीय जनता पार्टी के प्रांतीय संगठन मंत्री पवन साय ने झलप मंडल में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के श्री विजयादशमी एवं पथ संचलन अवसर पर मुख्य वक्ता की आसंदी से व्यक्त किये।
श्री साय ने कहा कि सौ वर्ष पूर्व स्थापित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मार्ग में अनेक बाधाएं आई, कई बार प्रतिबन्ध लगाए गए डॉक्टर हेडगेवार द्वारा स्थापित संघ को आगे गति देने वाले श्रीगुरूजी की हत्या का प्रयास भी किया गया परन्तु भारत को वैभवशाली राष्ट्र के शिखर तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चरैवेति के भाव से संघ निरंतर गतिमान रहा। आज संघ व्यापक और राष्ट्रव्यापी संगठन बन गया है तथा विविध क्षेत्रों में काम करने लगा है, भारतीय किसान संघ, मजदूर संघ, अधिवक्ता परिषद, आरोग्य भारती, शिक्षक संघ, वनवासी कल्याण आश्रम, सक्षम, शिक्षा संस्कृति न्यास, विद्या भारती, विद्यार्थी परिषद, संस्कृत भारती, सिक्ख संगत जैसे विविध संगठन बन चुके हैं जो नागरिकों के हित संवर्धन में लगे हुए हैं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस वर्ष विजयादशमी पर अपने शताब्दी का पर्व मना रहा है यह उत्सव नहीं बल्कि एक संकल्प के रूप में आयोजित किया जा रहा है जिसके अंतर्गत भारत को वैभवशाली राष्ट्र बनाने के लिए कुटुम्ब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण सुरक्षा, स्व का बोध तथा नागरिक कर्तव्य के रूप में पांच लक्ष्य निर्धारित किये गए है जिन्हें पंच परिवर्तन का नाम दिया गया है। वर्तमान में परिवारों में बिखराव के कारण जीवन मूल्यों में गिरावट आई है जिससे लोग अपनों से दूर होते जा रहे हैं उन्हें जोड़ने के लिए संघ ने कुटुम्ब प्रबोधन का लक्ष्य रखा है जिसके अंतर्गत सप्ताह में कम से कम एक दिन अपने परिवार के साथ बैठकर पारिवारिक व धार्मिक कार्यों को करते हुए साथ में भोजन की परम्परा शुरू करने की योजना है, ऊंच-नीच का भेदभाव मिटाने के लिए सामाजिक समरसता की रूपरेखा तैयार की गई है, पर्यावरण की सुरक्षा के लिए पेड़ लगाने, जल बचाने के लिए कार्य करना तथा स्व का बोध के अंतर्गत स्वदेशी को प्राथमिकता, स्वयं की भाषा, स्वयं की भूषा आदि का उपयोग करने का लक्ष्य है, नागरिकों को संविधान में वर्णित नियमों तथा कर्तव्यों का पालन करना तथा लोगों को प्रेरित करने के लिए पांचवां लक्ष्य तय किया गया है।” श्री साय ने लोगों से इन सभी कार्यक्रमों में उत्साह के साथ जुड़ने का आग्रह करते हुए कहा कि जब तक भारत माता की जय प्रत्येक व्यक्ति की जुबान पर नहीं होगा तब तक यह कार्य निरंतर चलेगा।”
ग्राम झलप की गलियों में नागरिकों, महिलाओं एवं बच्चों ने फूलों से स्वयंसेवकों के भव्य पथ संचलन का स्वागत किया इस कार्यक्रम में 116 स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में उपस्थित होकर संचलन में हिस्सा लिए, ग्राम के मंडी प्रांगण में आयोजित बौद्धिक कार्यक्रम में अमृत वचन और एकल गीत के पश्चात मुख्य वक्ता का उद्बोधन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का समापन संघ प्रार्थना के साथ हुआ।
इस अवसर प्रांत सहकार्यवाह घनश्याम सोनी व खंड संचालक भगोली राम साहू मंचस्थ थे। विजयादशमी उत्सव में राजिम विभाग के अधिकारीगण, जिला, खंड व नगर के दायित्ववान कार्यकर्ता, झलप मंडल व आसपास के गणमान्य नागरिक व मातृशक्ति बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। “नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमि” संघ प्रार्थना के बाद भारत माता की जय उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
विश्व में भारत महान है क्योंकि यहां सभी का सम्मान है – रामायण कथावाचक नंदकुमार साहू